Lalu Yadav की राह पर Tejashwi Yadav, Delhi में काफिला छोड़ ऑटो रिक्शा में की सवारी

दिव्यांशी भदौरिया     Oct 13, 2026
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Lalu Yadav की राह पर Tejashwi Yadav, Delhi में काफिला छोड़ ऑटो रिक्शा में की सवारी

राजद नेता तेजस्वी यादव दिल्ली में बिना सुरक्षा काफिले के ऑटो रिक्शा में घूमते नजर आए, जिसका वीडियो उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके अलावा, वह राहुल गांधी के साथ एक आंदोलन में शामिल हुए। तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावों में धांधली और बेईमानी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला भी बोला।

हाल ही में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और उनके सियासी वारिस तेजस्वी यादव दिल्ली में ऑटो रिक्शा में घूमते नजर आए हैं। हालांकि, तेजस्वी यादव के काफिले में एस्कॉर्ट गाड़ियां और कड़ी सुरक्षा का इंतजाम होता है।

लेकिन इस बार दफे तेजस्वी यादव बिना किसी एस्कॉर्ड गाड़ी के दिल्ली में ऑटो रिक्शा में घूमते दिखाई दिए है। व्हाइट कुर्ता पहनें तेजस्वी यादव ऑटो रिक्शा की पिछली सीट पर बैठे थे, अन्य गाड़ी से कोई वीडियो बना रहा है।

ऑटो रिक्शा में बैठें नजर आए तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव के साथ ऑटो में सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। इस दौरान पीछे से तेजस्वी यादव को कई आवाज देता है तो मुस्कुराने लगते हैं। तेजस्वी यादव ने खुद ये वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है। इस समय यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तेजस्वी यादव सोमवार को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ भी SIR के खिलाफ अंदोलन में शामिल हुए।

पापा लालू यादव भी रिक्शे पर घूमकर पहचान बना चुके हैं

दरअसल, बिहार में एक कहावत है कि 'बापे पूत परापत घोड़ा, कुछ नहीं तो थोड़े थोड़ा'। इसका अर्थ है कि बेटा अपने पिता के कदम पर पूरा नहीं लेकिन थोड़ा-थोड़ा जरुर है। तेजस्वी यादव के ऑटो रिक्शा पर बैठने से ये कहावत साबित हो रही है। क्योंकि पहले लालू यादव ने एस्कॉर्ट छोड़ रिक्शा पर बैठें हैं। पुराने समय में लालू यादव की तस्वीरें कई बार अखबारों में भी छपती थीं।

तेजस्वी का CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला

इस समय तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने कहा है कि 'चुनाव आयोग ने किसके कहने पर चुनावों में धांधली की, बेईमानी की, डकैती की? अब चुनाव आयोग डर के मारे अपने पूर्व के उन्हीं नियमों और फैसलों को क्यों बदल रहा है?

यदि मुख्य चुनाव आयुक्त चोर ज्ञानेश कुमार उस समय सही थे तो अब अपने फैसलों से पीछे क्यों हट रहे हैं? या तो वह सही थे या अब सही है? इन डकैतों ने चुनावों लूटे है। जनविश्वास का कत्ल और लोकतंत्र की हत्या की है।