शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जवाबदेही पर निर्भर करता है। उन्होंने विधायकों से आह्वान किया कि वे विधानसभा की कार्यवाही और संसदीय प्रक्रियाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए जन समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाएं।
विधायकों को AI पर स्पेशल सेशन की जरूरत: सीएम सम्राट
इस बीच, सम्राट चौधरी ने बदलते तकनीकी दौर का उल्लेख करते हुए बिहार विधानसभा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की आवश्यकता जताई है। वहीं, गया जी बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) में उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने क्षेत्र की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सदन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाना है।
दुनिया तेजी से बदल रही है
सम्राट चौधरी ने कहा है कि प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, कटौती प्रस्ताव और अन्य संसदीय उपकरण सिर्फ औपचारिक प्रक्रियाएं नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को मजबूती देने का प्रभावी माध्यम हैं। सीएम चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है और तकनीक का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।
बिहार विधानसभा में भी AI की ट्रेनिंग होनी चाहिए: सीएम सम्राट
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तरफ बढ़ रही है। ऐसे में बिहार विधानसभा में भी एआई पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि विधायक नई तकनीकी का इस्तेमाल समझ सकें और इसका लाभ शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में मिल सके।
'लोकतंत्र की मजबूती के लिए योजनाओं का सब तक पहुंचना जरूरी'
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब नीचे से ऊपर तक विकास की प्रक्रिया मजबूत होगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। विधायक विधानसभा के प्रत्येक सत्र को पूरा उपयोग करें।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार उद्योग, सुशासन और निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के जरिए विकास कार्यों को गति दी जा रही है और निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।