हाल ही में झारखंड के राज्य सभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बीच एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की है। नाथवानी ने काग्रेंस उम्मीदवार प्रणव झा को हराकर राज्य सभी की एक सीट अपने नाम कर ली है। खासकर दूसरी सीट पर सत्तारुढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम विजयी रहे।
कांग्रेस उम्मीदवार की पराजय के बाद राज्य में महागठबंधन की एकजुटता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस ने राजद और भाकपा (माले) के रवैये पर सवाल उठाए हैं। इस बीच हार को लेकर कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि विश्वास हमेशा उन्हीं लोगों पर किया जाता है, जिनसे उम्मीद होती है, और कई बार वहीं से निराशा भी मिलती है।
आखिर क्या बोले कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने बताया है कि हमारे पास 26 वोट थे और हमें 21 वोट मिले, 1 वोट इनवैलिड था। हमारे गठबंधन में 16 वोट हमारे थे, 4 जेएमएम के थे, 4 RJD के थे और 2 CPI(ML) के थे। अब लग रहा है कि हमें शायद RJD और CPI(ML)के वोट नहीं मिलें। हमारे साथ धोखा हुआ है, और धोखा वहीं होता है जहां भरोसा होता है। हम सभी को इस बारे में गंभीरता से सोचना पड़ेगा।
कांग्रेस प्रत्याशी को मिले 20 वोट
आपको बता दें कि, परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले। दूसरी ओर JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले। चुनाव के दौरान 3 वोट अमान्य घोषित किए गए,ज जिनमें दो भाजपा विधायकों और एक कांग्रेस विधायक का वोट शामिल था।
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा नीत NDA के पास 24 विधायक है, जो राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए आवश्यक 28 प्रथम वरीयता मतों से 4 कम थे। इसके बाद नाथवानी की जीत ने साफ संकेत दिया कि उनके पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुई।
चौथी बार राज्य सभा सांसद चुने गए नथवानी
आपको बता दें कि, इस जीत के साथ ही परिमल नाथवानी चौथी बार राज्य सभा सदस्य चुने गए हैं। इससे पहले वह वर्ष 2008 से 2020 तक झारखंड से लगातार दो बार निर्दलीय सांसद चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था और फिर एक बार राज्यसभा पहुंचे।