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Maharashtra में 13 सांसदों से बढ़ेगी Shinde की ताकत, Modi Cabinet में एंट्री का दावा होगा मजबूत

By LSChunav | Jun 19, 2026

कुछ समय से ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के टूटने की खबर काफी चर्चा में रही है। इसके बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के टूटने की चर्चा तेज है। कहा जा रहा है कि 9 में से 6 सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में है और जल्द ही शिवसेना में विलय कर सकते हैं। 
इनमें संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, ओमराजे नाइक निंबालकर, संजय जाधव और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। हालांकि, अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे अब भी उद्धव ठाकरे के साथ हैं।

दिल्ली में भी बढ़ेगी ताकत
अगर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल होंगे तो लोकसभा में उनके सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो जाएगी, जिससे वे महाराष्ट्र से सबसे बड़े संसदीय दलों में शामिल हो जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एनडीए लगातार अपने संख्याबल को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

 क्यो मोदी कैबिनेट में शिंदे गुट को मिलेगी जगह
आपको बता दें कि, अगर उद्धव गुट के सांसद शिवसेना में शामिल होते हैं, तो शिंदे की बार्गेनिंग पावर भी बढ़ जाएगी। इस समय मोदी कैबिनेट में बदलाव की चर्चा जोरो पर है। अटकलें लगाई जा रही है कि शिंदे गुट के सांसदों को कैबिनेट में जगह मिल सकती  हैं और महत्वपूर्ण मंत्रालय भी मिल सकता है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र सरकार भी शिंदे गुट को अधिक प्रभावशाली विभाग मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। 
मीडिया खबरों के मुताबिक, लोकसभा सांसदों के बाद उद्धव गुट के खिलाफ विधायक भी अलग राह पकड़ रहे हैं। रिपोर्ट्स में पता चला है कि विधानसभा में उनके 20 में से करीब 14 विधायक भी पाला बदल सकते हैं।

JDU से निकल जाएगी आगे
लोकसभा में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के 12 सांसद है और छठी सबसे बड़ी पार्टी है। दूसरी तरफ, एनडीए की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। इसके अतिरिक्त एकनाद शिदें की पार्टी के 7 सांसद है। अगर उद्धव गुट के 6 सांसद शिवसेना में शामिल हो जाते हैं, तो पार्टी में सांसदों की संख्या 13 हो जाएगी, जो कि जदयू से ज्यादा है। इस तरह वह सदन में शिवसेना के जदयू से ज्यादा सांसद हो जाएंगे।

उद्धव ठाकरे गुट को झटका लगेगा
उद्धाव ठाकरे के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि उनकी पार्टी के अंदर से ही उन्हें और आदित्य ठाकरे को पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय होने की सलाह दी जाती है। आदित्य ठाकरे ने हालिए में राज्यभर का दौरा किया है, लेकिन जमीन स्तर पर संगठन को फिर से खड़ा करने के लिए शायद उनके पास पर्याप्त समय नहीं है। वहीं, शिंदे गुट का दावा है कि उद्धव के कुछ विधायक भी भविष्य में उनके साथ आ सकते हैं। 
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