इस समय दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चल रहा है। चुनाव आयोग के SIR अभियान के तीसरे चरण में अब तक दिल्ली के 6 करोड़ से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली और महाराष्ट्र में ये 'सफाई' हुई है। दिलचस्प बात यह है कि देशभर की वोटर लिस्ट में 34 लाख नाम ऐसे थे, जो अब इस दुनिया में ही नहीं थे। इन लोगों के नाम भी हटाए गए हैं।
अब तक 11 करोड़ नाम कटे हैं
- द इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, चुनाव आयोग ने सोमवार को वोटर लिस्ट का ड्रॉफ्ट जारी किया। इस वोटर लिस्ट ड्रॉफ्ट में दिल्ली और महाराष्ट्र में नामों की संख्या में भारी कटौती देखी गई है। कुल 6.1 करोड़ से ज्यादा वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
- फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद SIR के पहले तीन चरणों में हटाए गए नामों की कुल संख्या 10-11 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी। SIR के पहले दो चरणों में 5 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए थे।
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा नाम दिल्ली में कटे
आपको बताते चलें कि देश की राजधानी दिल्ली में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47.56 लाख नाम हटाए गए, जो 32.7% की कटौती दर है। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी ड्राफ्ट लिस्ट में अब तक की सबसे ज्यादा कटौती दर है।
दिल्ली में घटकर रह गए करीब 98 लाख वोटर
- अब दिल्ली की वोटर लिस्ट में 97.53 लाख वोटर हैं, जबकि SIR से पहले यह संख्या 1.45 करोड़ थी। कुल वोटरों में करीब एक-तिहाई नाम हट चुके है।
- Election Commission of India के डेटा के अनुसार, 43.32 लाख नाम अनुपस्थिति या पते से स्थाई रुप से चले जाने के कारण हटाए गए, जबकि 2.82 लाख लोग मृत पाए गए। डेटा से यह भी पता चला कि 1.41 लाख लोग वोटर लिस्ट में कई जगहों पर दर्ज थे (डुप्लिकेट एंट्री), जिसके कारण उनके नाम हटा दिए गए।
30 सितंबर तक जुड़वा सकते हैं अपना नाम
- यदि आपका या किसी जान-पहचान या रिश्तेदार का नाम ड्रॉफ्ट लिस्ट में नहीं है, तो आपके पास 30 सितंबर 2026 तक का समय है। आप Form 6 भरकर फिर से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
- दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है। वहीं, दावों के निस्तारण की अवधि 29 अक्तूबर 2026 तक है। बल्कि अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशन 04 नवंबर 2026 को होना है।