मिलनाडु विधानसभा चुनावों के दौरान हजीना सैयद के आरोपों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस प्रदेश महिला मोर्चा की जिम्मेदारी संभाल रहीं हजीना ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के खिलाफ विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गईं। इसी मामले को लेकर 10 अप्रैल को पार्टी ने हजीना को निष्कासित कर दिया था।
10 अप्रैल को लांबा ने लिया था एक्शन
कांग्रेस से जुड़ी रहीं हजीना सैयद ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल में खुद को गांधीवादी, सामाजिक कार्यकर्ता लिखा है। चेन्नई में रहने वाले हजीना सैयद का दावा है कि वह पहले ही पद छोड़ चुकी थीं। शुक्रवार को अलका लंबा ने हजीना सैयद को प्रदेश प्रमुख के पद से हटा दिया है। लंबा ने इसमें लिखा था कि वह कांग्रेस विरोधी गतिविधियों में शामिल थीं। उन्होंने लिखा था कि संगठन को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। अलका लांबा कांग्रेस महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। दरअसल, यह विवाद तब सामने आया जब तमिलनाडु के साथ अभी पश्चिम बंगाला में चुनाव बाकी है।
11 अप्रैल के मेल में लिखी आपत्तिजनक बात
सोशल मीडिया पर वायरल मेल में लिखा है ( प्रभासाक्षी इसकी पुष्टि नहीं करता) मेल में हजीना सैयद ने नमस्ते सुश्री अलका लांबा क्या आप में ज़रा भी अक्ल है? मैंने तो कल ही इस्तीफ़ा दे दिया था। 10 अप्रैल 2026 को दोपहर 1:00 बजे हुई आधिकारिक प्रेस मीट में मैंने इस बात की घोषणा भी कर दी थी। जाइए, अपना अहंकार अपने बॉयफ्रेंड के. सी. वेणुगोपाल को दिखाइए, मुझे नहीं। हजीना ने आगे लिखा है कि ध्यान रहे, आपको मुझे अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है। आप हमारी सदस्यता फ़ीस के पैसों पर ऐश कर रही हैं। क्या इस पार्टी में इतनी हिम्मत है कि वह AIMC के खातों का ऑडिट करवा सके? हजीना सैयद ने यह भी लिखा कि आप आम आदमी पार्टी से कूदकर यहां कांग्रेस को बर्बाद करने आई हैं। इसलिए, अपनी हद में रहिए और चुपचाप बैठी रहिए। वरना मैं आपको ठीक कर दूंगी। हजीना ने सोशल मीडिया एक्स पर अलका लांबा को टैग करके अपना जवाब भी लिखा है।
कौन हैं हजीना सैयद?
दरअसल, हजीना सैयद को अप्रैल 2024 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले वह लगभग तीन दशकों तक पार्टी की एक समर्पित कार्यकर्ता रही हैं। बता दें कि, उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत NSUI से की थी और बाद में 2008 में युवा कांग्रेस के टैलेंट हंट अभियान में भी हिस्सा लिया था। हजीना ने AICC सदस्य और पार्टी की प्रवक्ता के तौर पर भी काम किया है।
आपको बताते चलें कि, सैयद ने दावा किया कि मेलूर सीट से टिकट देने में अन्यायपूर्ण तरीके से मना कर दिया गया, जबकि कथित तौर पर पार्टी के आलाकमान से उन्हें पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर तमिलनाडु कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के सेल्वपेरुंथगाई की जमकर आलोचना की।