इस समय महाराष्ट्र की राजनीति में काफी हलचल मची हुई है। महाराष्ट्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने भिवंडी मनपा के महापौर पद के लिए बीजेपी की ओर से नारायण चौधरी का नाम सुझाया था। इसके बाद शहर अध्यक्ष रवि सावंत ने महापौर पद के लिए नारायण चौधरी के नाम की घोषणा कर दी। इस दौरान सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों के बैनर छा गए हैं। इसलिए भाजपा से महापौर पद के इच्छुक पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटील के भतीजे सुमित पाटील के समर्थकों ने सुमित पाटील के नाम की आधिकारिक घोषणा की है।
आपको बता दें कि, भिवंडी में महापौर के चुनाव से पहले ही भाजपा के 2 गुट बनकर तैयार हो गए हैं। इस बीच, भाजपा से महापौर पद के दावेदार नगरसेवक सुमित पाटील ने आरोप लगाया है कि जब नारायण चौधरी बीजेपी के प्राथमिक सदस्य ही नहीं है, तो उन्हें अध्यक्ष द्वारा महापौर पद का उम्मीदवार कैसे बनाया गया है।
सुमित पाटील ने क्या कहा?
नारायण चौधरी चुनाव से पहले ही बीजेपी में शामिल हुए थे। वे पार्टी के आधिकारिक सदस्य भी नहीं है। ऐसे में बीजेपी उनके नाम की घोषणा कैसे कर सकती है? जल्द ही इस विषय पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करूंगा।-सुमित पाटील, नगरसेवक
नारायण चौधरी बोले?
महापौर पद के लिए पार्टी ने मेरे नाम की घोषणा की है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लिखित पत्र भी दिया गया है, इसलिए कोई कुछ भी कहे, मेरे नाम की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है।
बहुमत का संख्याबल कैसे बनेंगा?
दरअसल, भिवंडी मनपा में बीजेपी के 22 और शिंदे सेना के 12 एवं एक निर्दलीय नगरसेवक समेत इनकी कुल संख्या 35 हो रही है। बल्कि बहुमत के लिए 46 चाहिए। बहुमत के संख्या बल को लेकर रवि सावत ने कहा, सभी नगरसेवक शहर का विकास चाहते हैं। भाजपा ही शहर का विकास कर सकती है, इसलिए अन्य पार्टियों के कई नगरसेवक विकास के मुद्दे पर बीजेपी के साथ आने को तैयार है।