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Bengaluru Metro: किराया रोकने पर DK Shivakumar का BJP पर तंज, बोले- ये State Govt का फैसला है

By LSChunav | Feb 10, 2026

इस समय कर्नाटक में बंगलूरू मेट्रो के किराए को लेकर सियासी और प्रशासनिक टकराव नजर आ रहा है। किराया बढ़ोतरी पर रोक के दावों के बीच अब जिम्मेदारी तय करने को लेकर केंद्र और राज्य आमने-सामने हैं। इस बीच, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस पूरे मामले में कर्नाटक सरकार का रुख साफ करते नजर आए। उन्होंने कहा कि बंगलूरू मेट्रो के किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को रोकने का फैसला राज्य सरकार ने खुद लिया है, इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है। इस मामले में केंद्र का न तो कोई अधिकार है और न ही दखल देने का कानूनी आधार है। 

दिल्ली में होने वाली बैठक भी टली

कर्नाटक विधान सौधा में प्रेस वार्च के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्हें लगा था कि इस मुद्दे पर दिल्ली में बैठक होगी, लेकिन वह भी टल गई। जो लोग इस पर जीत का दावा कर रहे हैं, उन्हें पहले बैठक सुनिश्चित करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में हकीकत से ज्यादा राजनीति हो रही है। इसके साथ ही किराया निर्धारण समिति को लेकर उन्होंने कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे केंद्र सरकार किराया रोकने का निर्देश दे सके। अगर कोई नया फैसला लेना है तो नई किराया निर्धारण समिति बनानी होगी। उन्होंने कहा कि वे जनता की आवाज बनने के लिए काम कर रहे हैं।

पुरानी किराया निर्धारण समिति ने लिया था फैसला

डीके शिवकुमार ने बताया कि मौजूदा किराया बढ़ोतरी का फैसला एक साल पहले बनी पुरानी किराया निर्धारण समिति ने लिया था। खासतौर पर राज्य सरकार ने न तो किराया बढ़ाने को कहा था और न ही इस पर कोई निर्देश दिए थे। उन्होंने सवाल उठाए कि जब फैसला हुआ था, तब आज बयान देने वाले नेता चुप क्यों थे।

भाजपा नेताओं द्वारा श्रेय लेने पर क्या बोले डिप्टी सीएम?

बंगलूरू मेट्रो के किराए को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा किराया बढ़ोतरी रुकवाने का श्रेय लेने पर उन्होंने कहा कि कोई भी श्रेय ले ले, उन्हें फर्क नहीं पड़ता। उनका उद्देश्य केवल यह है कि न तो जनता पर बोझ पड़े और न ही मेट्रो को नुकसान हो। उन्होंने कहा कि- वे किसी दबाव में काम नहीं कर रहे हैं। आगे शिवकुमार ने कहा कि किराया तय करने के लिए कई बातें देखी जाती है, जैसे कि संचालन खर्च, महंगाई, कर्मचारियों की सैलरी, बिजली और अन्य लागत। इन सभी को दोबारा जोड़-घटा कर देखने के निर्देश दिए गए हैं। 

डीके शिवकुमार ने भाजपा पर साधा निशाना

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि बेंगलुरु मेट्रो के किराए को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है जबकि अन्य शहरों के किराया ढांचे पर कोई चर्चा नहीं हो रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई किराया निर्धारण समिति के गठन तक न तो राज्य सरकार, न केंद्र सरकार और न ही बीएमआरसीएल किराया तय करने का अधिकार रखती है। फिलहाल सरकार जनता के हित में जो भी संभव होगा, वही कदम उठाएगी।
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