जम्मू में रविवार को कटड़ा से सांझीछत तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के विरोध में श्री वैष्णो देवी संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने उग्र प्रर्दशन किया है। प्रदर्शन से पहले कटड़ा के रघुनाथ मंदिर परिसर में संघर्ष समिति की एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने रोपवे परियोजनाओं के लेकर अपनी स्पष्ट बातें रखी हैं और इसे श्रद्धा, परंपरा व स्थानीय आजीविका के खिलाफ बताया है।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्का हुआ
बैठक के बाद प्रदर्शनकारी मुख्य बाजार से होते हुए जुलूस की शक्ल में आगे बढ़े और विधायक बलदेव राज शर्मा के कार्यालय की ओर घेराव करने का प्रयास किया। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने काम किया, तो पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
वहीं, पुलिस की तत्परता से स्थिति को समय रहते हुए नियंत्रण में ले लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के सदस्यों ने विधायक बलदेव राज शर्मा और पूर्व नपा चेयरमैन शशि गुप्ता का पुतला फूंक डाला और जमकर नारेबाजी की है। रोष रैली में श्राइन बोर्ड के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई।
क्या बोले प्रदर्शनकारी?
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि रोपवे परियोजना लागू होने के बाद परंपरागत पैदल यात्रा व्यवस्था प्रभावित होगी, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था के साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर दिखेगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रोपवे परियोजनाओं से घोड़ा-पालकों, पिट्ठुओं, दुकानदारों और अन्य स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी या फिर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। जिसके चलते लोगों किसी भी हालत में स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
अभी तक प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि श्राइन बोर्ड ने इस परियोजना को रद्द नहीं किया तो आंदोलन को और भी तेज कर दिया जाएगा। स्थिति की देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है।
प्रशासन की तरफ से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा गया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जाएगी। आपको बता दें कि, प्रदर्शन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष बलिराम राणा, सदस्य कर्ण सिंह,राजेश सदोत्रा, रवि नाग, वरुण मगोत्रा, प्रभात सिंह (मंगली) मानव शर्मा, नरेश केसर, वरेन्द्र केसर, अर्जुन ठाकुर, साहिल ठाकुर, युवराज, अनिल दुबे, अभि सदोत्रा, मानिक परोच, शिवा परोच, ईशान पादा समेत मौजूद हैं।