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EVM पर Mayawati ने उठाए सवाल, बोलीं- Congress शासन में BJP ने भी जताया था विरोध

By LSChunav | Sep 28, 2026

हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि यह बेहद जरुरी है कि मतदाता के मन में इस बात को लेकर कोई संदेह न रहे उसका वोट किसी दूसरे प्रत्याशी को चला गया या किसी और के खाते में दर्ज हो जाता है।

ऐसी स्थिति लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था में लोगों को भरोसे के लिए गंभीर होगी। मायावती ने कहा कि, देश में शुरुआती चुनावों के बाद करीब पांच दशक तक मतदान के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम का इस्तेमाल शुरु कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकारी थी, तब भाजपा ने भी ईवीएम का विरोध किया था। उस पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र में सरकार बनने के बाद बीजेपी ने ईवीएम व्यवस्था को खत्म करने के जगह प्रणाली को जारी क्यों रखा?

बसपा ने शुरू से किया ईवीएम का विरोध

इस बीच, बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बसपा ने शुरु से ही ईवीएम से मतदान का विरोध किया है। बसपा देश के दबे-कुचले, अनपढ़ और काम पढ़े-लिखे लोगों के हितों की बात करती है। इन वर्गों के बीच ईवीएम को लेकर आशंकाएं हैं।

इस दौरान, मायावती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत का भी जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाए है कि स्थानीय स्तर पर खास समर्थन नहीं होने के बावजूद उन्हें भाजपा की साजिश और ईवीएम में गड़बड़ी के जरिए जिताया गया। जिससे बसपा को नुकसान पहुंचाया जा सके।

उन्होंने सांसद चंद्रशेखर पर भी आरोप लगाए। कहा कि वह दलितों से जुड़े मामलों में अधिकारियों से बातचीत के बजाय धरना-प्रदर्शन करवाते हैं। इससे युवाओं पर कानूनी मामले दर्ज हो जाते हैं। ऐसे मामलों के कारण युवाओं को सरकारी नौकरी हासिल करने में परेशानी हो सकती है।

वीवीपैट को लेकर सवाल उठाए

इतना ही नहीं, मायावती ने ईवीएम को लेकर आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिए जाने के बाद बसपा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव प्रक्रिया को चुनौती दी थी। ईवीएम व्यवस्था खत्म करने जगह अदालत ने ईवीएम के साथ वीवीपैट लगाने का निर्देश दिया है।

मायावती ने वीवीपैट व्यवस्था पर सवाल किए। उन्होंने कहा कि सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती नहीं होने के कारण ईवीएम में दर्ज मतों से उनका पूरा मिलान नहीं हो पाया। इलेक्ट्रोनिक मशीनों के साथ छेड़छेाड़ और उन्हें दूरे से हैक किए जाने की आशंका जताते हुए कहा कि इससे मतदाता के लिए अपने वोट के सही तरीके से दर्ज होने को लेकर भरोसा जताना मुश्किल है।

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