इस समय तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर काफी सस्पेंस चल रहा है। तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने शुक्रवार देर रात एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में कथित तौर पर कहा कि AMMK के नवनिर्वाचित विधायक कामराज को विजय की पार्टी को समर्थन देने वाला एक पत्र लिखते हुए दिखाया गया है।
जिसके बाद AMMK पार्टी के महासचिव टी.टी.वी दिनाकरन के दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह दस्तावेज जाली हैं। आपको बता दें कि, यह विवाद तब शुरु हुआ जब दिनाकरन लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र अर्लेंकर से मुलाकात की। वहां उन्होंने एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने लिखा था कि AMMK के एकमात्र नवनिर्वाचित विधायक एनडीए और एआईएडीएमके गठबंधन के प्रति वफादार हैं।
टीवीके ने आरोपों को खारिज किया
उन्होंने AIADMK प्रमुख एडप्पी के. पलानीस्वामी को गठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन दिया। लेकिन टीवीके ने इन आरोपों को खारिज किया है। एक वीडिया जारी की है, पार्टी का दावा है कि इस वीडियो में कमकाज को अपनी मर्जी से समर्थन पत्र लिखते हुए दिखाया है।
पार्टी ने कहा, "ये एएमएमके विधायक कामराज के वीडियो विज़ुअल्स हैं, जिनमें वह अपनी मर्जी से और खुशी-खुशी तमिलगा वेट्री कझगम को अपना समर्थन देने वाला पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह एएमएकके के महासचिव टी.टी.वी दिनाकरन की मंजूरी के TVK को अपना समर्थन दे रहे हैं।
दिनाकरन फैला रहे है झूठी खबरें
टीवीके ने आगे कहा कि अब इस घटनाक्रम को बदनाम करने के लिए झूठी जानकारी फैलाई जा रही है। बयान में आगे बताया कि, हालांकि अब जो जानकारी फैलाई जा रही है कि उन्होंने वह पत्र नहीं लिखा था, वह पूरी तरह से झूठी और सच्चाई के विपरीत है। इसलिए यह जरुरी है कि कोई इस बात को स्पष्ट रुप से समझे। इन सभी तथ्यों को छिपाते हुए, टी.टी.वी दिनाकरन लगातार झूठी खबरें और गलत जानकारी फैला रहे हैं।
विजय की TVK पार्टी ने कहा कि वह समर्थन हासिल करने के लिए किसी तरह की राजनीतिक सौदेबाजी नहीं कर रही है। पार्टी ने कहा, जनता को यह समझना चाहिए कि तमिलगा वेट्री कझगम को किसी के साथ सौदेबाजी या बातचीत करने की कोई जरुरत नहीं है।
विजय की पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 सीटों में से 108 सीटें हासिल की हैं। लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें पीछे रह गए हैं। इसके बाद से पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए छोटी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों से समर्थन मांगने में लगे हुए।