By LSChunav | Jan 07, 2026
हाल ही में चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की है। 12 राज्यों में SIR का पहला फेज खत्म हो जाएगा। वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए 28 अक्तूबर, 2025 से शुरु हुई मुहिम 2 महीने 11 दिन चली। बता दें कि, एसआईआर से पहले इन राज्यों में 50.97 करोड़ मतदाता थे। वैरिफिकेशन के बाद 44.38 करोड़ रह गए। वहीं, 6.59 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्च से हट गए हैं। यह 12 राज्यों के कुल मतदाताओं के नाम 12.93% है, यानी हर 100 वोटर्स पर करीब 13 नाम कट गए। इसके अलावा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में करीब 7.5 प्रतिशत लोगों के नाम कटे हैं, यानी यहां हर 13वां नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो गया है। लेकिन ये फाइनल लिस्ट नहीं है, जिन भी लोगों के नाम कटे हैं, वे दावे-आपत्तियां कर सकते हैं। फॉर्म 6 या 7 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।
जानें मध्य प्रदेश में कितने वोटर्स के नाम काटे गए
मध्य प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 42.74 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.74 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.31 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। बता दें कि, काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.44 है, यानी हर 100 से में करीब 7 वोटर्स का नाम हटाया गया है। लेकिन, 42.74 लाख वोटर्स में से 8.46 लाख मृत पाए गए, 2.77 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, वहीं 31.51 लाख वोटर्स शिफ्ट हो चुके, लापता और अन्य थे।
राजस्थान में 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे
राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। लेकिन, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।