उत्तर प्रदेश में काफी समय से बिजली का संकट देखने को मिल रहा है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा विद्युत निगम अध्यक्ष आशीष कुमार गोयल पर आरोप लगाने के बाद शक्ति भवन में हलचल देखने मिल रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक 15 जून 2026 को प्रस्तावित करता है। ऐसे में विद्युत निगम प्रबंधन ईंधन अधिभार और संविदा कर्मियों से जुड़ी पत्रावलियां तैयार की जा रही है। ऊर्जा मंत्री ने 10% ईंधन अधिमार लगाने पर नाराजगी जताई है।
जिसके बाद उन्होंने साफ लिखा है कि इस मामले में उनसे पूछा तक नहीं गया। नियामक आयोग ने भी इस अधिभार को नियमों के विपरीत बताया है। विद्युत निगम प्रबंधन 15 जून को प्रस्तावित समीक्षा बैठक की तैयारी में व्यस्त दिखा। शक्ति भवन के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद यह अधिमार वापस लिया जा सकता है। ऊर्जा मंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि इसे लेकर जनता के बीच आक्रोश है।
ऊर्जा मंत्री ने लगाएं थे आरोप
आपको बता दें कि, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और पावर कार्पोरेशन के बीच चलने वाला कोल्ड वॉर गुरुवार को सामने आया था। ऊर्जा मंत्री ने अपने ही विभाग के ऊपर मुख्य सचिव और पावर कार्पोरेशन के आरोप लगाए थे। उन पर जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के जरिए कुशल लोगों की छंटनी करने और अकुशल लोगों को भर्ती करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उपभोक्ताओं पर 10 फीसदी ईंधन अधिमार लगाते समय भी उनसे नहीं पूछा गया। उन्होंने बिंदुवार घटनाक्रम लिखते हुए चेतावनी भी दी थी कि इसे शासन का निर्देश समझा जाए और दोबारा ऐसी हरकत न करें।
उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि पर 6.50 प्रतिशत ब्याज मिलेगा
उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को अब उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर 6.50 प्रतिशत ब्याज मिलने लगा है। पावर कॉर्पोरेशन ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में जरुरी बदलाव कर दिए हैं और ब्याज राशि को बिजली बिलों में समायोजित किया जा रहा है। इसका लाभ करीब 3.73 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपभोक्ताओं की कुल जमा सिक्योरिटी राशि करीब 4,616 कराड़े रुपये हैं, जिसका करीब 300 करोड़ रुपये ब्याज के रुप में दिया जाएगा।