दरअसल, युमनाम खेमचंद ने शाम को 4 फरवरी को मणिपुर के लोक भवन में सीएम पद की शपथ ली है। अब ये मणिपुर के सीएम है। आपके बताते चलें कि, 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। हालांकि, सविधान के अनुसार, एक साल से ज्यादा राष्ट्रपति शासन नहीं चल सका। ऐसे में बीजेपी के लिए नई सरकार बनाना जरूरी हो गया था। हाल ही में मणिपुर के नए सीएम युमनाम खेमचंद को बनें हैं।
बीजेपी ने युमनाम खेमचंद क्यों चुना?
युमनाम खेमचंद एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और उन्होंने पहले भी कई उच्च पदों पर कार्य किया है। केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता आने से पहले वे एन बीरेन सिंह की भाजपा सरकार में मंत्री थे।
वे 2017 और 2022 में सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से मणिपुर विधानसभा के लिए चुने गए। विधायक के रूप में अपने पहले कार्यकाल में, वे 2022 तक विधानसभा अध्यक्ष रहे।
2022 में चुनाव जीतने के बाद, वे बीरेन सिंह के दूसरे मंत्रिमंडल में मंत्रिमंडल मंत्री बने। उन्होंने नगर प्रशासन और आवास विकास (MAHUD), ग्रामीण विकास और पंचायती राज, और शिक्षा मंत्रालयों का कार्यभार संभाला।
उन्होंने फरवरी 2025 तक अपने पद पर कार्य किया, जब मणिपुर में राष्ट्रपति शासन घोषित किया गया।
क्या युमनाम खेमचंद कुकी और मैतेई में बैलेंस बना पाएंगे
3 फरवरी को दिल्ली बैठक में युमनाम खेमचंद का नाम सीएम पद के लिए घोषित किया। यह नेता मैतेई समाज से आते हैं और कुकी समाज इनका कभी विरोध नहीं करेगा।
प्रधानमंत्री ने मणिपुर के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री और मंत्रियों को बधाई दी
श्री युम्नाम खेमचंद सिंह जी को मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई।
मैं श्रीमती नेमचा किपगेन जी और श्री लोसी डिखो जी को राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर तथा श्री कोंथौजम गोविंदास सिंह जी और श्री खुरैजम लोकेन सिंह जी को मणिपुर सरकार में मंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पर बधाई देना चाहता हूं।
मुझे पूरा विश्वास है कि वे मणिपुर के मेरे भाई-बहनों के विकास और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए लगन से काम करेंगे।