दिल्ली शराब घोटाला: CBI का High Court में बड़ा आरोप- 'Hit and Run' कर रहे Kejriwal, अब 6 अप्रैल को सुनवाई

दिल्ली शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को सीबीआई की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए 6 अप्रैल तक का समय दिया है। केजरीवाल द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जज बदलने की मांग के चलते यह अतिरिक्त समय दिया गया, जिस पर सीबीआई ने न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दाखिल याचिका पर आज यानी के 16 मार्च को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने केजरीवाल और सिसोदिया सहित अन्य आरोपियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। अब मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
बता दें कि, नोटिस के बाद से केजरीवाल या अन्य किसी आरोपी के द्वारा जवाब दाखिल नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि यह हर बार आरोप लगाकर भाग जाते हैं, न्यायिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इस बीच, केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि वह कुछ समय चाहते हैं क्योंकि इस मामले में बेंच बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है। अदालत ने केजरीवाल की मांग पर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
केजरीवाल ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में जज बदलने की मांग को लेकर अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में दरवाजा खटखटाया है। पहले केजरीवाल ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई किसी अन्य पीठ को सौंपने का अनुरोध किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। सिसोदिया का कहना है कि हाईकोर्ट की ओर से भेजा गया यह समन कानूनी रूप से सही नहीं है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए।



