Assam की नई Voter List पर सियासी बवाल, मुस्लिम जिलों में बढ़े वोटर, जनजातीय क्षेत्रों में घटे

असम की अंतिम मतदाता सूची 2024 में एक बड़ा जनसांख्यिकीय बदलाव दिखा है, जहाँ मुस्लिम बहुल जिलों में मतदाता बढ़े हैं, वहीं बोडोलैंड सहित 24 जनजातीय और पहाड़ी जिलों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य में नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
हाल ही में असम में अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है। नई सूची के आंकड़े बताते हैं कि मुस्लिम बहुत जिलों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी हैं, जबकि कई जनजातीय और पहाड़ी इलाकों में कमी दर्ज की गई है। कुल जिलों में दिखा जाएं तो ज्यादा जिलों में गिरावट हुई है। इस बदलाव के बाद राज्य में राजनीतिक बहस जारी है और विपक्ष ने फिर से प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
निर्वाचन आयोग ने आंकड़े जारी किए
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, असम के 35 जिलों में से 24 जिलों में अंतिम मतदाता सूची में संख्या घटी है, जबकि 11 जिलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बता दें कि, अंतिम सूची में कुल 2.49 करोड़ मतदाता शामिल है। यह संख्या प्रारूप सूची से 0.97 प्रतिशत कम है। एसआईआर के दौरान करीब 2.43 लाख नाम सूची हटाए गए हैं।
मुस्लिम बहुल जिलों में बढ़े मतदाता
अमस में पश्चिमी और निचले मुस्लिम बहुल जिलों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। धुबरी, दक्षिण, सलमारा, गोलपाड़ा और बारपेटा में वृद्धि दर्ज की गई है। बारपेटा जिले में सबसे ज्यादा 25 हजार से अधिक मतदाता बढ़े हैं। वहीं, असम के मोरीगांव और नगांव जिलों में भी संख्या बढ़ी है। हालांकि इसी क्षेत्र के दरांग और होजई जिलों में कमी भी दर्ज हुई है। यानी बढ़ोतरी और गिरावट देखने को मिले हैं।
जनजातीय और पहाड़ी क्षेत्रों में गिरावट
छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले जनजातीय और पहाड़ी क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में कमी देखी गई है। दीमा हसाओ, कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जैसे जिलों में गिरावट दर्ज की गई है। इसी तरह बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के सभी पांच जिलों में भी मतदाताओं की संख्या घटी है। गुवाहाटी से जुड़े कामरूप और कामरूप महानगर जिलों में भी कमी सामने आई है। यह कमी केवल जनजातीय इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
पूर्वी असम और बाराक घाटी का अलग रुझान
क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी असम के 11 जिलों में से 10 मतदाताओं की संख्या कम हुई है। सिर्फ माजुली जिले में लगभग 100 मतदाता बढ़े हैं। इसके अलावा, बराक घाटी क्षेत्र में कछार और श्रीभूमि में कमी दर्ज हुई, जबकि हैलाकांडी में बढ़ोतरी हुई है।



