Delhi Assembly ने ठुकराई अरविंद केजरीवाल की मांग, 'फांसी घर' केस में विशेषाधिकार समिति के सामने होंगे पेश

दिव्यांशी भदौरिया     Mar 06, 2026
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Delhi Assembly ने ठुकराई अरविंद केजरीवाल की मांग, फांसी घर केस में विशेषाधिकार समिति के सामने होंगे पेश

'फांसी घर' मामले में अरविंद केजरीवाल आज विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होंगे, हालांकि समिति ने कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की उनकी मांग को नियमों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया है। समिति ने केजरीवाल के 10 साल के अनुभव के बावजूद नियमों की अज्ञानता पर हैरानी जताई है।

दिल्ली विधानसभा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की एक मांग को खारिज कर दिया है। यह मांग विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग कराने से जुड़ी थी। समिति ने केजरीवाल को ‘फांसी घर’ से संबंधित एक मामले में आज पेश होने के लिए बुलाया था, जिस पर उनका जवाब भी सामने आ चुका है।


अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि मैं आज दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने दोपहर 3 बजे पेश हो जाऊंगा। क्योंकि मुझे फांसी घर पर चर्चा के लिए बुलाया है।


10 साल विधानसभा के सदस्य रहे है केजरीवाल


दिल्ली विधानसभा ने केजरीवाल को पत्र लिखकर इस अस्वीकृति की जानकारी दी। पत्र में विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष के आश्चर्य का उल्लेख किया गया है। अध्यक्ष को केजरीवाल की "इस मामले में अज्ञानता पर हैरानी हुई। आपको बता दें कि, केजरीवाल 10 साल से अधिक समय से विधानसभा के सदस्य रहे हैं। उन्होंने  विशेषाधिकार समिति की बैठकों में शामिल भी हुए है।


दिल्ली विधानसभा सचिवालय के पत्र में स्पष्ट किया गया है। पत्र के मुताबिक, विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही गोपनीय होती है। प्रक्रिया के नियम इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की अनुमति नहीं दी जाती है। 


विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही को अत्यंत गोपनीय रखा जाता है। क्योंकि यह विधानसभा के नियमों और प्रक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गोपनीयता का उद्देश्य समिति के सदस्यों को स्वतंत्र रुप से काम करने देना है। 


समिति अध्यक्ष ने उठाए सवाल


समिति के अध्यक्ष ने इस बात पर हैरानी जताई कि केजरीवाल को इस विषय की जानकारी नहीं थी। केजरीवाल काफी समय से विधानसभा के वरिष्ठ और अनुभवी सदस्य रहे हैं। वे कई अवसरों पर विशेषाधिकार समिति की बैठकों में भी भाग ले चुके हैं। इसलिए यह उम्मीद की जाती है कि उन्हें इन नियमों की पूरी समझ होगी। अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें गोपनीयता से जुड़े प्रावधानों की जानकारी अवश्य होनी चाहिए थी।