Bengal Politics का नया चैप्टर: TMC के बागियों से BJP की दोस्ती, क्या बदलेगा समीकरण?

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बागी सांसदों की बीजेपी नेताओं से मुलाक़ात ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह बीजेपी के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि, बंगाल बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे किसी भी टीएमसी नेता को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।
इस समय पश्चिम बंगाल में सियासी उथल-पुथल मची हुई है। बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के बागी सांसदों के साथ 'चाय पर चर्चा' के लिए तृणमूल कांग्रेस की चार बार की सांसद शताब्दी रॉय के दिल्ली स्थित घर पर बैठक हुई। यह बैठक तब हुई जब पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजधानी में थीं। इससे पार्टी के अंदर नए विद्रोह और बंगाल के राजनीतिक समीकरण में बदलाव का संकेत मिलता है।
सुबह यही बागी गुट केंद्रीय मंत्री और बंगाल बीजेपी के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर इक्ट्ठा हुआ था। भाजपा के लिए इस तरह की नाराजगी का फायदा उठाने की कोशिश के अपने जोखिम हैं।
ऐसे में टीएमसी नेताओं के साथ बढ़ रही नजदीकी उन चेहरों को अपनाने को लेकर असहज सवाल उठते हैं कि जिन पर कभी भ्रष्टाचार, सिंडिकेट-राज और संस्थागत गिरावट का आरोप लगाया गया था।
बंगाल बीजेपी पर क्या होगा असर?
अब ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी के बंगाल कैडर और समर्थकों के बीच कोई नकारात्मक संदेश जाएगा? कि उनकी चुनी हुई सरकार टीएमसी के बागी गुटों के साथ हाथ मिला रही है और उनके साथ चाय पी रही है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और दिग्गज नेता तथागत रॉय ने कहा कि इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।
इस बीच, मेघालय के पूर्व गवर्नर भी कह चुके है कि एनडीटीवी से कहा है कि इस राजनीतिक कदम से बंगाल बीजेपी के हौसले या छवि पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा कि किसी भी टीएमसी नेता को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। किसी को शामिल नहीं किया जाएगा। इसलिए भाजपा का रुख पक्का है।
बंगाल बीजेपी अध्यक्ष का बयान
बता दें कि, राज्य इकाई के प्रमुख सामिक भट्टाचार्य ने फिर से कहा है कि बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद तृणमूल नेताओं के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हैं। उन्होंने कहा कि हम कोई बैंड पार्टी नहीं हैं, हम एक राजनीतिक पार्टी हैं, और जिस तरह के भ्रष्टाचार तृणमूल नेताओं ने किया है, उसके बाद हम इन्हें अपने साथ शामिल नहीं होने देंगे। लेकिन पार्टी के अंदर के नेताओं का कहना है कि इसकी आलोचना भी हुई है।
कल्याण बनर्जी बोले- दोहरे चरित्र वाले गए, हम खुश
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्याण बनर्जी ने बताया है कि हम बहुत खुश हैं कि ये दोहरे चरित्र वाले लोग चले गए हैं। टीएमसी इस बात का इंतजार कर रही है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला उन 20 बागी सांसदों के बारे में क्या कदम उठाते हैं, जो निचले सदन में एक नया गुट बनाकर NDA का समर्थन करना चाहते हैं। जिसके बाद से पार्टी अपने अगले कानूनी कदम पर फैसला करेगी।
इसके अलावा, भाजपा के वरिष्ठ नेता शिशिर बजोरिया ने कहा कि सांसदों और विधायकों को साफ पता चला है कि वे बीच मझधार में फंसे हुए हैं। चाहे लोगों को लगे कि भाजपा इन दागदार लोगों को शामिल कर रही है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि उन पर ये दाग तृणमूल नेतृत्व के इशारे पर लगे थे... शाहजहां, जहांगीर, सोना पप्पू जैसे असली बुरे लोग - वे लूट-पाट के लिए इतिहास में याद किए जाएंगे। भाजपा ऐसे लोगों को कभी शामिल नहीं करेंगे।



