West Bengal: जिस Adina Mosque में Yusuf Pathan ने की थी सफाई, अब वहां शिवलिंग स्थापना का ऐलान

दिव्यांशी भदौरिया     Jul 26, 2026
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West Bengal: जिस Adina Mosque में Yusuf Pathan ने की थी सफाई, अब वहां शिवलिंग स्थापना का ऐलान

पश्चिम बंगाल के मालदा में अदीना मस्जिद और अदीनाथ मंदिर के ऐतिहासिक दावों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जहाँ भाजपा नेताओं ने शिवलिंग स्थापित करने की घोषणा की है। एएसआई की सुरक्षात्मक चेतावनी और स्थानीय हिंदू संगठनों के कानूनी रुख ने इस विवाद को एक नया विश्लेषणात्मक आयाम प्रदान किया है।

इस समय पश्चिम बंगाल में सियासत गरमाई हुई है। दरअसल, बंगाल में 650 साल पुरानी एक मस्जिद के बाहर पूजा करने के बाद भाजपा नेता ने मंदिर का दावा मजबूत करने के लिए शिवलिंग स्थापित करने का ऐलान किया है। इससे पहले जब बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान ने जब इस मस्जिद में सफाई के बाद तस्वीरे शेयर की थी तब काफी विवाद स्थापित हो गया था। 

उस दौरान यूसुफ पठान ने टीएमसी में थे। उन्होंने लिखा था कि अदीना मस्जिद में सफाई करके उन्हें काफी अच्छा लगा। ताजा घटनाक्रम में स्थानीय भाजपा नेताओं ने मस्जिद के पास पूजा-अर्चना करके विवाद खड़ा कर दिया है। 

इस पर हिंदू संगठनों और भाजपा के नेताओं का कहना है कि यह जगह कभी एक मंदिर हुआ करती थी। वे आने वाले सोमवार को एक शिवलिंग स्थापित करेंगे। वैसे मालदा में यह मुहिम अदीनाथ पुरातन शिव मंदिर संगठन के तरह शुरु हुई है। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक यूसुफ पठान की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


ASI ने दी चेतावनी, हिंदू संगठन का अपना दावा

इस मस्जिद के आसपास पूजा के घटनाक्रम के बाद ASI ने चेतावनी दी है कि 1373 AD में बनी अदीना मस्जिद के अंदर किसी को जाने की इजाजत नहीं होगी। दावा है कि सिकंदर शाह द्वारा 1373 AD में बनाई गई मालदा के पांडुआ स्थित अदीना मस्जिद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) मध्यकाल में पूरे उपमहाद्वीप की सबसे बड़ी मस्जिद मानता है, लेकिन हिंदू समूहों और बीजेपी का दावा है कि यह मस्जिद भगवान शिव को समर्पित 'अदीनाथ मंदिर' की जगह पर बनाई गई थी।  

बता दें कि, 'अदीनाथ पुरातन शिव मंदिर' के मुख्य संरक्षक और उत्तर बंगाल के लिए भाजपा के 'सुशासन विंग' संयोजक काजल गोस्वामी के अनुसार, इस तथाकथित मस्जिद में हिंदू और बौद्ध मूर्तियां स्थापित हैं। वहीं, अदीनाथ मंदिर को नष्ट करके उस पर मस्जिद बनाई गई थी।


कलकत्ता हाईकोर्ट जाने का किया ऐलान

कई बार संगठन ने दावा किया है कि मस्जिद में शिवलिंग के अलावा हिंदू और बौद्ध धर्म से संबंधित कई आकृतियां और निशान मौजूद हैं। उन्होंने बताया है कि वे जल्द ही इस मामले पर ASI की रिपोर्ट की मांग को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट दरवाजा खटखटाएंगे। इस बीच, गोस्वामी ने दावा किया है कि हमारा मकसद मंदिर को फिर से बनाना और उसके अंदर शिवलिंग स्थापित करना है। बता दें कि, मस्जिद के पास लगाने के लिए 289 किलोमीटर दूर तारकेश्वर से 3.6 फीट ऊंचा और 1.5 टन वजनी शिवलिंग लाया जा रहा है। गोस्वामी ने यह स्पष्ट किया है कि हम कानून का पालन करेंगे। हम कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं चाहते। पहले ही से हमने ASI और पुलिस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है और उन्होंने हमें मस्जिद क्षेत्र के बाहर पूजा करने के लिए कहा है।