Delhi Voter List का Mega Update: 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे BLO, जानिए पूरी प्रक्रिया

दिव्यांशी भदौरिया     May 27, 2026
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Delhi Voter List का Mega Update: 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे BLO, जानिए पूरी प्रक्रिया

दिल्ली में मतदाता सूची को दोषमुक्त बनाने हेतु गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। चुनाव आयोग का लक्ष्य इस प्रक्रिया के माध्यम से फर्जी मतदाताओं को हटाकर 7 अक्टूबर तक एक त्रुटिहीन अंतिम मतदाता सूची जारी करना है।

राजधानी दिल्ली में SIR की प्रक्रिया अब जल्दी से स्पीड पकड़ने वाली है। मतदाता सूची को पूरी तरह दोषमुक्त और स्मार्ट बनाने के लिए गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान अपनी रफ्तार पकड़ चुका है। आपको बताते चले कि दिल्ली के 42.53 प्रतिशत मतदाताओं (करीब 62.44 लाख) मैपिंग का पूरा काम पूरा हो चुका है। आपको बता दें कि, इस प्रकिया में वर्तमान का मिलान वर्ष 2002 के मतदाता सूची किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब बैक-एंड डेटा मैपिंग के लिए अगले चरण में बीएलो फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए जाएंगे।


30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाएंगे

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया है कि, 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ दिल्ली हर एक-एक घर का दौरा करेंगे। फिलहाल डेटा मैपिंग चल रही है, इसका उद्देश्य उन फर्जी या मृत मतदाताओं की पहचान करना है, जिनके नाम तकनीकी खामियों या जानकारी के अभाव में लिस्ट में बने हुए हैं। बीएलओ घर-घर जाकर गणना फॉर्म और मैपिंग से मिले डेटा का सत्यापन करेंगे। 

इतना ही नहीं, सर्वे के दौरान घर बंद मिले, तो कम से कम तीन बार घर के चक्कर लगाना है। वहीं, दरवाजे के नीचे सूचना पर्ची को छोड़ेंगे जिससे आपका संपर्क हो सके। इसके अतिरिक्त पोलिंग बूथ पर भीड़ को कम करने के लिए मतदान करने की संख्या 1500 से हटाकर 1200 कर दी गई है। 


दिल्ली में कितने वोटर्स है?

कुल मतदाता (दिल्ली): 1,46,82,523

मैपिंग पूरी हुई: 62,44,045 (42.53%)

मैपिंग का आधार: वर्ष 2002 की मतदाता सूची

लक्ष्य: 07 अक्टूबर 2026 तक त्रुटिहीन मतदाता सूची का प्रकाशन।


एसआईआर पर सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि वोटर्स लिस्ट का गहन पुनरीक्षण कराना चुनाव आयोग का अधिकार है। एसआईआर प्रक्रिया सांविधानिक है। पीठ ने कहा, चुनाव आयोग शक्तियों का दुरुपयोग नहीं कर रहा है। न ही एसआईआर के दौरान नियमों के खिलाफ जाकर वोटर्स के नाम काटे जा रहे हैं।