BSP के पूर्व राज्यसभा सांसद Ashok Siddharth ने राजनीति से संन्यास का किया एलान

दिव्यांशी भदौरिया     Sep 11, 2026
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BSP के पूर्व राज्यसभा सांसद Ashok Siddharth ने राजनीति से संन्यास का किया एलान

बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने मायावती को भावुक पत्र लिखकर अपने खिलाफ साजिश का आरोप लगाया और आकाश आनंद को गुमराह करने की बात से इनकार किया। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बसपा में नए समीकरण बनने और आकाश आनंद की वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं।

इस समय यूपी की राजनीतिक गलियारे से बड़ी खबर सामने आई है। बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का जिक्र किया है। सूत्रों से पता चला है कि उनका इशारा दो बड़े पदाधिकारियों की ओर है, जिनसे लंबे समय तक तनातनी है।

बसपा में अशोक सिद्धार्थ लगभग दो साल से नाराज थे। उन्हें दो बार पार्टी से निष्कासित भी किया चुका है। महाराष्ट्र चुनाव में टिकट वितरण में गड़बडी और दिल्ली चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप लगे। उन पर अनुशासनहीनता और पार्टी दिशा-निर्देश के उल्लंघन का भी आरोप थे।

अशोक और कुछ पदाधिकारियों की कार्यशैली में काफी बदलाव देखने को मिला था।

अंटू मिश्रा का निष्कासन और बदलते समीकरण

पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा का निष्कासन भी अशोक सिद्धार्थ से संबंधित है। मायावती ने अशोक को 3 अगस्त को और अंटू को दस दिन पार्टी से बाहर किया। अंटू के अशोक से करीबी संबंध इसकी एक वजह माने गए। बसपा की राजनीति पर नजर रखने वालों की मानना है कि हाल ही घटनाक्रम से समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में आकाश आनंद की वापसी की अटकलें शुरु हो चुके हैं।

पार्टी पर कब्जे के आरोप साजिश, एक दिन सच सामने आएगा : अशोक सिद्धार्थ

अशोक सिद्धार्थ ने मायावती को लिखे भावुक पत्र में उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की। कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त उनके विरोधियों ने यह साजिश रची है और एक दिन इसकी सच्चाई सामने आएगी। ऐसे में उन्होंने स्पष्ट किया है कि आकाश आनंद को कभी गुमराह नहीं किया। पिछले कई महीनों से उनसे मुलाकात नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मायावती से अपने संन्यास को आकाश की वापसी से न जोड़ने का अनुरोध किया है। यह भी उन्होंने कहा कि मायावती के आदेश उनके रिश्ते-नातों और परिवार से भी ऊपर है।