Maharashtra BMC Elections: 68 सीटों पर 'खेला'? महायुति की निर्विरोध जीत पर Election Commission का शिकंजा

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में मतदान से पहले ही महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए हैं, जिसमें सर्वाधिक 44 प्रत्याशी भाजपा के हैं। विपक्ष द्वारा नामांकन वापसी के लिए दबाव और प्रलोभन के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग इस मामले की जांच करेगा।
इस बार महाराष्ट्र में 15 जनवरी से नगर निकाय चुनाव से पहले भाजपा और महायुति गठबंधन के सहयोगियों ने 68 सीटें निर्विरोध जीत ली है। इसमें भाजाप ने अकेले ही 44 उम्मीदवारों, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 22 और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दो उम्मीदवार शामिल है। इसके अलावा, राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने उन नगर निकायों से रिपोर्ट मांगी है, जहां सत्तारूढ़ दलों के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
शुक्रवार को महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं का नामांकन वापसी का आखिरी दिन था। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने शुक्रवार देर शाम को बताया कि बीजेपी और महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो नगर निकाय के चुनाव में पार्टी की बढ़ती ताकत और लोकप्रियता को दर्शाता है।
भाजपा के अकेले 44 उम्मीदवार जीते
हालिए में केशव उपाध्याय ने बताया कि निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में भाजपा के 44 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें सबसे अधिक 15 उम्मीदवार ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) से है, जबकि यहां से शिवसेना के 6 उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं। वहीं, पुणे-पिंपरी-चिंचवड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर हैं। बड़ी संख्या में सत्तापक्ष के उम्मीदवार के निर्विरोध जीतने के मामले में विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए।
राज्य निर्वाचन आयोग करेगा जांच
इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने फैसला लिया है कि वह इस बात की जांच करेगा कि क्या निर्विरोध चुने जान के मकसद से नामांकन वापस लेने के लिए विपक्षी उम्मीदवारों पर कोई दबाव तो नहीं डाला गया या उन्हें कोई प्रलोभन तो नहीं दिया गया।



