Haryana Rajya Sabha Election का सियासी खेल, BJP-Congress की एक-एक सीट पक्की, Cross-Voting पर नजरें।

दिव्यांशी भदौरिया     Feb 15, 2026
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Haryana Rajya Sabha Election का सियासी खेल, BJP-Congress की एक-एक सीट पक्की, Cross-Voting पर नजरें।

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनावी बिसात बिछ गई है, जहाँ संख्या बल के आधार पर भाजपा और कांग्रेस की एक-एक सीट पक्की मानी जा रही है। कांग्रेस से पूर्व प्रभारी बीके हरिप्रसाद का नाम सबसे आगे है, जबकि भाजपा में कैप्टन अभिमन्यु और कुलदीप बिश्नोई के बीच टिकट के लिए जोरदार लॉबिंग चल रही है।

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत शुरु हो चुकी है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा व किरण चौधरी का कार्यकाल अप्रैल के महीने में खत्म हो रही है। इसलिए मार्च में चुनाव होने की संभावना है। अभी से चुनाव के लिए दावेदारों ने अपना खेल शुरु कर दिया है। इस बार वोटों का आंकड़ा ऐसा हैौ कि भाजपा-कांग्रेस के पास एक-एक सीट आना तय है। लेकिन भाजपा की पूरी कोशिश रहेगी कि दूसरी सीट भी इसके कब्जे में आए।


इस बार भाजपा से ज्यादा लोगों को यह जानने में दिलचस्पी है कि इस बार कांग्रेस से राज्यसभा का उम्मीदवार कौन होगा। कांग्रेस से कई नामों की चर्चा है, लेकिन इस सूची में सबसे ऊपर नाम हरियाणा के प्रभारी बीके हरिप्रसाद का है। बंगलूरु के बीके हरि प्रसाद फिलहाल न तो लोकसभा के सदस्य हैं और न ही राज्यसभा के। जब हड्डा राज्य के सीएम थे तो उस समय वह हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं। हरियाणा के सभी शीर्ष नेताओं के साथ उनकी अच्छी बनती है।


इस नाम पर हरियाणा में किसी को आपत्ति भी नहीं होगी। हरियाणा से बाहर के नेताओं में जयराम रमेश व पवन खेड़ा के नाम पर फुसफुसाहट देखने को मिल रही है। दूसरी तरफ हरियाणा से दो नामों को हाईकमान के पास भेजा गया था, जिसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उदयभान व दूसरा नाम राव दान सिंह का था। 


भाजपा की ओर से इनका नाम सामने आया है


इस समय भाजपा की ओर से चर्चा हो रही है कि इनमें कैप्टन अभिमन्यु व कुलदीप बिश्नोई का नाम शामिल है। दोनों ही अपने स्तर पर काफी प्रयास कर रहे हैं। इस समय में वे लगातार हाईकमान व मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ मुलाकात कर रहे हैं। दूसरी ओर, किरण चौधरी भी पूरी कोशिश में है कि उनके नाम पर दोबारा से सहमति बन जाए।


क्या है राज्यसभा का गणित


आपको बता दें कि, राज्यसभा की सीट जीतने के एक उम्मीदवार को 31 वोट चाहिए होंगे। ऐसे में पूरी संभावना है कि भाजपा व कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट आएगी। वर्तमान में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, बल्कि भाजपा के पास 47 विधायक हैं और 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। अगर भाजपा दूसरी सीट जीत सकते हैं, जब सात विधायक क्रास वोटिंग करें, जो कि काफी मुश्किल है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर कांग्रेस से बीके हरि प्रसाद आते हैं, तो बीजेपी अपना उम्मीदवार को खड़ा नहीं करेगी। क्योंकि हरिप्रसाद के समर्थन में कांग्रेस के सभी विधायक के एक मत हो सकते हैं।