Indian Air Force का Mega Power Show, Assam के हाईवे पर उतरे फाइटर जेट्स, दुनिया ने देखी ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने चीन सीमा के पास असम में रणनीतिक रूप से अहम हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन किया, जहां वायुसेना ने सुखोई-30 और राफेल विमानों के साथ अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक दोनों अभियानों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
इस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने असम दौरे पर है। असम के मोरान बाईपास पर बनी 4.2 किलोमीटर लंबी हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्धाटन पीएम मोदी ने किया है। पीएम ने नई दिल्ली से चाबुआ एयरफोर्स बेस पहुंचे और वहीं से एयरस्ट्रिप पर उतरकर प्रदर्शन का जायजा लिया है। यह एयरस्ट्रिप आपात स्थितियों में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी। डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) पर भारतीय वायुसेना ने अपने जांबाज लड़ाकू विमानों का अद्भुत हवाई प्रदर्शन दिखाया।
वायुसेना के पायलटो का सटीक टेकऑफ और लैंडिग का प्रदर्शन
हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायुसेना के पायलटों ने ईएलएफ पर सटीक टेकऑफ और लैंडिंग का प्रदर्शन किया है। सबसे पहले आप सुखोई-30 एमकेआई ने उड़ान भरी, फिर राफेल विमान ने टेकऑफ किया। वायुसेना का 'वर्कहॉर्स' AN-32 हेलीकॉप्टर, जो कार्गो और यात्रियों दोनों के परिवहन के लिए इस्तेमाल होता है, ने ‘टच एंड गो’ का प्रदर्शन किया।
फिर सुखाई और राफेल के तीन-तीन विमानों ने मोरान के आकाश में तेजी से उड़ान भरी। एक-एक सुखोई और राफेल ईएलएफ पर लैंड हुए, बल्कि अन्य विमानों ने ओवरशूट प्रदर्शन किया। इसके अलावा, स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ने विशेष हेली-बोर्न ऑपरेशन (एसएचबीओ) का प्रदर्शन किया, जिसमें कमांडो को एयरस्ट्रिप पर उतारा गया।
हिमंता बिस्वा शर्मा ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया कि ईएलएफ पर इस प्रकार का बड़ा और व्यापक अभ्यास पहली बार आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 16 विमानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस ईएलएफ को भारतीय वायुसेना के सहयोग से विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के विमान सुरक्षित रूप से उतर और उड़ान भर सकें।
भारतीय वायुसेना ने दिखाई कुशलता
इस एयरशो ने न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत और कुशलता दिखाई, यह भी दर्शाया कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए भारतीय वायुसेना हमेशा तैयार रहते हैं। चीन की सीमा से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह हाईवे एयरस्ट्रिप रणनीतिक रूप से अत्यंत अहम मानी जा रही है। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध जैसी परिस्थितियों या अन्य आपातकालीन हालात में यह राहत और बचाव अभियानों को तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
5,450 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात
असम को पीएम मोदी ने करोड़ों की सौगात देने वाले हैं। गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को शुभारंभ करेंगे। इसका मकसद कनेक्टिविटी को गति देना, डिजिटल अवसंरचना मजबूत करना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन में सुधार करेंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ से निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्धाटन करेंगे। ऐसे में अब इस 6 लेन के सेतु से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा।



