झारखंड में JPSC-JSSC आंदोलन की 'आधी जीत': Hemant Soren के फैसले पर जश्न, पर CBI Inquiry के लिए छात्र अड़े

JPSC-JSSC परीक्षाओं की अनियमितताओं के खिलाफ 25 दिनों से जारी आंदोलन में सोरेन सरकार का सकारात्मक रुख छात्रों की आधी जीत माना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि केवल परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ों को समाप्त करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी की अनुशंसा आवश्यक है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का संघर्ष यह स्पष्ट करता है कि राज्य में निष्पक्ष भर्ती प्रणाली की मांग अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।
झारखंड के रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबे समय से JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के कारण छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है। अब छात्र CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 25वें दिन जारी रहा है।
सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से छात्रों को करीब सभी प्रमुख मांगों को मान लिए जाने के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। इस दौरान छात्रों ने जश्न मनाया और कुछ आंदोलनकारियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। लेकिन अभी आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार अपने फैसलों को लिखित रुप से नहीं देती और JPSC-JSSC परीक्षाओं में होने वाली कथित अनियमितताओं की CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती, तब तक आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
CBI जांच की मांग पर अब भी दो छात्र भूख हड़ताल पर
फिलहाल JPSC-JSSC परीक्षाओं में होने वाली कथित धांधली की सीबीआई जांच की मांग लेकर रूपेश कुमार और सबीता कुमारी अब भी भूख हड़तल पर हैं। दोनों आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी करते नजर आ रहे हैं।
वहीं, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी कई मुख्य मांगों को स्वीकार किया है, लेकिन सीबीआई जांच की मांग अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए जब तक इस मांग पर सरकार की तरफ से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
CGL परीक्षा रद्द करने की मांग मानी गई: मयंक राजपूत
इस बीच, छात्र नेता मयंक राजपूत ने बताया कि छात्रों की मुख्य मांगों में CGL परीक्षा को रद्द करना भी शामिल था, जिसे सरकार ने मान लिया है। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अभार व्यक्त किया है। लेकिन मंयक राजपूत ने कहा कि सरकार ने जिन मांगों को स्वीकार किया है, उन्हें लिखित रुप में देना जरुरी है। साथ ही JPSC-JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की CBI जांच जरुरी है।
‘CBI जांच से बड़े लोगों तक पहुंच सकती है जांच’
इतना ही नहीं, मयंक राजपूत ने कहा कि सीबीआई जांच होने से मामले में शामिल बड़े लोगों तक जांच पहुंच सकती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह आधी जीत है और इसे पूरी जीत तब माना जाएगा, जब सरकार JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा करेगी। उनका कहना है कि छात्रों को उद्देश्य केवल परीक्षाओं को रद्द को कराना नहीं बल्कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों तक जांच पहुंचनी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना जरुरी है।
‘CBI जांच की मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
इसके साथ ही छात्र नेता कुणाल कुमार ने भी स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहने वाला है। छात्रों ने बताया है कि सरकार के फैसलों के बाद आंदोलन को लेकर सकारात्मक माहौल जरुर बना है, लेकिन उनकी अंतिम और महत्वपूर्ण मांग अभी बाकी है।



