BSP Chief Mayawati का तीखा प्रहार, 'चवन्नी से रुपया' बयान को बताया RLD और Jat Community का अपमान

दिव्यांशी भदौरिया     Aug 22, 2026
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BSP Chief Mayawati का तीखा प्रहार, चवन्नी से रुपया बयान को बताया RLD और Jat Community का अपमान

मायावती ने अखिलेश यादव के अमर्यादित बयान को जाट समाज का अपमान बताते हुए सपा की संकीर्ण राजनीति का विश्लेषण किया है। उन्होंने सपा के अहंकारी रवैये को विपक्षी एकता में बाधक और भाजपा की मजबूती का मुख्य कारण करार दिया। यह तीखा प्रहार आगामी चुनावों में दलित-जाट समीकरणों और सपा के पीडीए दावों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

अगले साल यूपी विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। जिसको लेकर प्रदेश में राजनीति गरमाई रहती है। बसपा सुप्रीमों मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा प्रमुख के राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और उसके नेता को लेकर दिए गए 'चवन्नी से रुपया बना दिया' वाले बयान को अमर्यादित और शर्मनाक बताया है। 

इसके साथ ही इस बयान के लिए सपा नेतृत्व को रालोद, उसके नेता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार के साथ जाट समाज से भी मांफी मांगनी चाहिए। 

इतना ही नहीं, मायावती ने आरोप लगाया है कि सपा की राजनीति में विरोधी दलों के साथ-साथ सहयोगी दलों के प्रति भी संकीर्णता और जातिवादी रवैया रहा है। उनके मुताबिक, इसका राजनीतिक लाभ कई मौकों पर भाजपा को मिला और धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर हुईं।


सपा पर गंभीर आरोप लगाए

इसके बाद मायावती ने 1993 में सपा-बसपा गठबंधन बनने और बाद में टूटने का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बाद 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ। मायावती ने इसे अपने खिलाफ हत्या के षड्यंत्र से जोड़ते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। बसपा मुखिया ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद गठबंधन टूट गया और यह सपा के अहंकारी और स्वार्थ से भरे रवैये का रिजल्ट है।


पीडीए को लेकर भी निशाना साधा

मायावती ने पीडीए को लेकर अखिलेश यादव पर साधा निशाना। उन्होंने आरोप लगाए है कि सपा अपने राजनीतिक हित के अनुसार पीडीए में 'पी' अलग-अलग का व्याख्या गाती रहती है। इसके साथ ही उन्होंने सपा की पिछली सरकारों पर दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और सवर्ण समाज, विशेषकर ब्राह्मणों के हितों की अनदेखी तथा कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में जनता से सपा को सत्ता से दूर रखने की अपील की और सर्वसमाज को उसकी कथित संकीर्ण एवं जातिवादी राजनीति से सावधान रहने को कहा।