Satyendar Jain Arrested: दिल्ली जल बोर्ड टेंडर घोटाले में ₹1.52 Crore की मनी ट्रेल, क्या अब फंसेंगे और भी बड़े दिग्गज?

दिव्यांशी भदौरिया     Aug 22, 2026
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Satyendar Jain Arrested: दिल्ली जल बोर्ड टेंडर घोटाले में ₹1.52 Crore की मनी ट्रेल, क्या अब फंसेंगे और भी बड़े दिग्गज?

दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर घोटाले में सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के गहरे गठजोड़ को उजागर करती है। 1.52 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल और टेंडर शर्तों में तकनीकी हेरफेर के आरोप इस कानूनी मामले को अत्यंत जटिल बनाते हैं। यह घटनाक्रम दिल्ली सरकार की पारदर्शिता और सार्वजनिक निविदा प्रक्रियाओं पर गंभीर विश्लेषणात्मक सवाल खड़े करता है।

एक बार फिर से मुश्किलों में फंसे आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन। दरअसल, दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले में Anti-Corruption Branch ने उनका गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली सरकार के एंटी करप्शन ब्रांच का आरोप है कि STP के से जुड़े टेंडरों में ऐसी तकनीकी शर्तें और खास विशेषताएं रखी गईं, जिनसे कथित तौर पर एक खास निजी कंपनी को फायदा मिला और प्रतिस्पर्धा सीमित हुई है। 

इस जांच में इलेक्ट्रॉनिक संवाद, टेंडर दस्तावेज और कथित पैसों के लेन-देन की कड़ियों को भी खंगाला गया है। इस मामले में जैन सहित 6 लोगों को आरोपी शामिल है।


सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला आखिर है क्या?

दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के अपग्रेड करने के लिए जारी किए जाने वाला टेंडर इस प्रक्रिया से जुड़ा है।  Directorate of Vigilance, GNCTD की शिकायत के आधार पर ही ACB ने FIR No. 10/2024 को 11 मई 2024 को दर्ज किया था। आरोपों है कि टेंडर के शर्तों पर हेरफेर, अनियमितता और आपराधिक साजिश है। 

Euroteck से जुड़ी संस्थाओं से धन बिचौलिया फर्मों (जैसे एएन एंटरप्राइजेज) के माध्यम से दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में ₹1.52 करोड़ की रिश्वत के रूप में ट्रांसफर किया गया। ....इस रिश्वत की रकम का उपयोग कथित तौर पर अचल संपत्ति (प्रॉपर्टी) खरीदने के लिए किया गया।- दिल्ली सरकार के Anti-Corruption Branch के आरोप


टेंडर में हेरफेर के आरोपों को समझना है जरूरी

इस मामले को लेकर जांच एजेंसी के मुताबिक टेंडर में कुछ प्रतिबंधात्मक तकनीक विनिर्देश और शर्ते कथित तौर पर इस तरह रखी गई कि M/s  Euroteck Environment Pvt. Ltd. फायदा प्राप्त हो। आरोप यह लगे है कि दूसरे संभावित बोली लगाने वालों के लिए प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई और प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई , जो कि जरुरी प्रक्रिया है। इसके साथ ही चुनिंदा प्रतिबंधात्मक शर्ते रखी गईं और ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता से संबंधित पैमानों को टेंडर से जानबूझ कर हटाया गया और इनके साथ ही तकनीकी शर्तों में बदलाव कर सरकारी खजाने को काफी हद तक नुकसान पहुंचाया है। अभी इन आरोपों की न्यायिक जांच चल रही है।


₹1.52 करोड़ का कथित मनी ट्रेल क्या है?

ACB के मुताबिक निजी संस्थाओं के तहत रकम लेन-देन हुआ और जांच एजेंसी ने आरोप लगाए है कि करीब ₹1.52 करोड़ तत्कालीन DJB के CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों तक पहुंच गए थे। एजेंसी के अनुसार इन पैसों का संबंध कथित रुप से AN Enterprises और Euroteck से संबंधित लेन-देन से है। हालांकि अभी जांच चल रही है मनी ट्रेल को लेकर।


कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी और कस्टडी पर क्या कहा?

 - आपको बताते चलें कि, सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद उन्हें अन्य पांच आरोपियों के साथ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष जज दिग विनय सिंह के सामने पेश किया गया। 


 - अदालत ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत चार आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके अलावा, उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। मामले के एक अन्य आरोपी अंकित श्रीवास्तव को 2 दिन की एसीबी रिमांड पर भेजा है।