Kaumi Insaaf Morcha के पंजाब बंद के बीच मचा बवाल, Chandigarh BJP Office को बम से उड़ाने की धमकी

पंजाब बंद के दौरान चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय को मिली बम धमाके की धमकी और जालंधर में हुई हिंसा राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाती है। कौमी इंसाफ मोर्चा की मांगों के बीच आम नागरिकों को होने वाली परेशानी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
आज यानी 21 अगस्त को पंजाब में कौमी इंसाफ मोर्चा सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई, जेल में बंद जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल की मांग कर रहे हैं। इस दौरान पंजाब बंद चल रहा है। बंद को कई संगठनों ने अपना समर्थन दिखाया है। इतना ही नहीं, बीजेपी के चंडीगढ़ कार्यालय को बम धमाके की धमकी दी गई है। आइए आपको पूरी जानकारी बताते हैं।
बीजेपी के चंडीगढ़ कार्यालय को बम धमाके की धमकी
इस दौरान चंडीगढ़ में स्थित भारतीय जनता पार्टी के स्टेट कार्यालय को शुक्रवार को धमकी भरा ई-मेल मिलने से हडकंप मचा हुआ है। इस ई-मेल में 21 अगस्त को पंजाब बंद रखने की मांग करते हुए खुले रहने वाले शहरों में बम धमाके करने की धमकी दी गई है। इसके अलावा, 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने और शहीद दिलावर सिंह बब्बर को याद करने की बात भी कही गई है।
वैसे भाजपा स्टेट कार्यालय चंडीगढ़ के आधिकारिक ई-मेल पर यह संदेश भेजा गया है। ई-मेल में 21 अगस्त पंजाब बंद और 31 अगस्त स्कूल बंद जैसे संदेश लिखे गए हैं।
खुले शहरों में बम धमाके करने की धमकी
ईमेल के जरिए 21 अगस्त को पंजाब बंद रखने की मांग की गई है। इसके साथ ही चेतवानी दी गई है कि जिन शहरों में बंद नहीं होगा, वहां बम धमाके किए जाएंगे। धमकी संदेश मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव हो गई है।
जालंधर में व्यक्ति से हाथापाई
इतना ही नहीं, कौमी इंसाफ मोर्चा की तरफ से पंजाब बंद की कॉल के बीच जालंधर में बंद करवाने को लेकर विवाद का मामला देखा गया है। मकसूदां की सर्विस रोड पर जत्थेबंदियों द्वारा रास्ता बंद किया गया था। इस दौरान कार सवार एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी अस्पताल में डायलिसिस पर है और उसे अस्पताल जाना है। कार सवार व्यक्ति ने जत्थेबंदियों को अस्पताल की पर्ची और डायलिसिस से संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए रास्ता देने की अपील की। व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान एक सिख व्यक्ति से उसकी बहस हो गई। उसके अनुसार, उस पर गाली देने का आरोप लगाया गया, जबकि उसने दावा किया कि उसने गाली किसी अन्य संदर्भ में दी थी। लेकिन इसके बाद बहस बढ़ गई और दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई।



