Maharashtra Politics: BMC चुनावों के लिए Uddhav-Raj का गठबंधन, महिलाओं को ₹1500 का वादा

बीएमसी चुनावों से पहले उद्धव और राज ठाकरे ने 20 साल बाद एक साथ आकर 'वचन नामा' नाम से संयुक्त घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स माफी और महिलाओं को वित्तीय सहायता जैसे अहम वादे किए गए हैं।
इस समय महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को आगामी बीएमसी चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र, 'वचन नामा' को रिलीज किया है। मेनिफेस्टो के कवर पर शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के साथ ठाकरे भाइयों की एक तस्वीर प्रमुखता से छपी थी।
घोषणा पत्र के मुख्य वादें
- शिवसेना (UBT)-MNS गठबंधन ने किफायती घर देने और हेल्थकेयर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और शिक्षा सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने का वादा किया है।
- घोषणापत्र के तहत, घरेलू काम करने वाली महिलाओं और कोली समुदाय की महिलाओं को प्रस्तावित 'स्वाभिमान निधि' योजना के तहत हर महीने ₹1,500 का भत्ता मिलेगा।
- गठबंधन ने यह भी कहा है कि अगर वे सत्ता में आते हैं, तो वे न्यूनतम किराया ₹10 से घटाकर ₹5 कर देंगे और ज़्यादा बसें और रूट जोड़ेंगे। उन्होंने 700 वर्ग फुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स खत्म करने और पार्किंग नियमों को बदलने का भी वादा किया है ताकि दोबारा बनी इमारतों में हर फ्लैट को एक पार्किंग की जगह मिल सके।
यह घोषणापत्र शिवसेना भवन में एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषित किया गया, जो 20 साल बाद राज ठाकरे की उस जगह वापसी का प्रतीक है। राज ठाकरे ने 2005 में पार्टी के भविष्य को लेकर अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से मतभेदों के कारण शिवसेना छोड़ दी थी। बालासाहेब ठाकरे ने पार्टी की जिम्मेदारी अपने बेटे को सौंप दी थी।
बीजेपी पर साधा निशाना
ठाकरे भाइयों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भी आलोचना की और BMC चुनावों से पहले मतदाताओं को "धमकाने" और लोकतांत्रिक नियमों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर पर उम्मीदवारों और मतदाताओं को "धमकाने" का आरोप लगाया और उन्हें सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने कहा- "राहुल नार्वेकर, जो विधानसभा के अध्यक्ष हैं, खुलेआम उम्मीदवारों और मतदाताओं को धमका रहे हैं यह बहुत चौंकाने वाला है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए; उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए... वह अधिकारियों से नेताओं की सुरक्षा हटाने के लिए कहते हैं; उनके पास यह अधिकार विधानसभा के अंदर है, बाहर नहीं। राहुल नार्वेकर के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।"



