UP Election 2027: ₹40,000 vs ₹50,000 की Cash Politics, Women Voters के लिए SP-BJP में महासंग्राम

दिव्यांशी भदौरिया     Aug 27, 2026
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UP Election 2027: ₹40,000 vs ₹50,000 की Cash Politics, Women Voters के लिए SP-BJP में महासंग्राम

उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा और सपा के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। भाजपा जहां मुफ्त बस यात्रा और संभावित 50 हजार रुपये की सहायता का दांव चल रही है, वहीं सपा ने 40 हजार रुपये सालाना के वादे से मोर्चा खोल दिया है। यूपी चुनाव महिला लाभार्थी राजनीति रणनीतिक विश्लेषण।

अगले साल 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिसको लेकर अभी 6 महीने से ज्यादा समय है। हालांकि, इस दौरान प्रदेश में चुनावी वादों को बौछार लगी है। इस बार उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता मुकाबले का मुख्य केंद्र बनती नजर आ रही है। बीजेपी पहले से ही महिला लाभार्थियों का बड़ा आधार तैयार कर चुकी है, तो सपा सीधे तौर पर आर्थिक मदद के वादे के साथ इसमें सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।

कहा जा सकता है कि इस बार यूपी का चुनाव महिलाओं के लिए योजनाओं व धोषणाओं की प्रतिस्पर्धा का चुनाव बन सकता है।


 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बस फ्री

उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आते ही भाजपा सरकार ने अपने संकल्प पत्र में शामिल महिलाओं से जुड़े वादों को पूरा करो की रफ्तार बढ़ा दी है। इस कड़ी में प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए अजीवन मुफ्त बस यात्रा का एलान किया है। 

बुधवार को इसे लागू कर दिया गया है। हर साल की तरह इस बार रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का एलान किया है। नवंबर 2026 तक स्नानतक की बेटियों के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू करने की घोषणा की है।


सपा भी महिला वोटर्स को साधने के लिए वादे कर रही है

इस बीच, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव की पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे बढ़ाकर संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी आधी आबादी को पूरी तवज्जो दे रही है। सपा ने महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं करना शुरु कर दिया है। 


असल में चुनावी जंग में दोनों दलों के लिए आधी आबादी इतनी मुख्य हो गई हैं कि भाजपा सरकार की तरफ से महिलाओं को 50 हजार रुपये देने की चर्चा शुरु हुई तो सपा ने सत्ता में आने पर महिलाओं को सालना 40 हजार रुपये देने की घोषणा कर दी है। इससे चुनावी मुकाबला 40 बनाम 50 हजार की लड़ाई देखी जा रही है।


बीजेपी के पास मौजूदा योजनाओं और लाभार्थी नेटवर्क का लाभ है। भाजपा महिला सुरक्षा, उज्जवला, आवास, शौचालय, बैंक खाते और प्रत्यक्ष लाभ जैसी योजनाओं के जरिए महिला मतदाताओं तक पहुंच का दावा करती है। अब भाजपा को बड़ा प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ जोड़कर पुराने लाभार्थी आधार को मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं। वहीं, सपा की चुनौती और मौका अलग हैं उसे अपने पारंपरिक पीडीए समीकरण के साथ महिलाओं को जोड़ना है।