West Bengal का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की मांग, Suvendu Adhikari का बयान

पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर पश्चिम बंग करने की मांग उठ रही है। इससे पहले ममता बनर्जी ने भी राज्य का नाम बांग्ला करने की कोशिश की थी। संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार राज्य का नाम बदलने के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद संसद और गृह मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होती है।
पश्चिम बंगाल को लेकर नई खबर सामने आई है। दरअसल, पश्चिम बंगाल को जल्द ही नया नाम मिल सकता है। राज्य में दुर्गा पूजा के आगाज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगाल दौरे स पहले राज्य में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान सामने आया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वेस्ट बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की वकालत की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ कर देना चाहिए। दरअसल, यह नाम राज्य विधानसभा में एक बिल लाकर और उसके बाद तय संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करके बदला जा सकता है।
ममता बनर्जी नहीं बदल पाईं नाम
पश्चिम बंगाल का नाम बदलने को लेकर कवायद पहले भी हो चुकी है। 15 साल तक राज्य की मुख्यमंत्री रही ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल का नाम 'बांग्ला' (Bengal) करने की कोशिश की थी, लेकिन जब वह सत्ता में आई थी तब उन्होंने 'पश्चिम बंगों' नाम का प्रस्ताव भी रखा था।
ममता बनर्जी का तर्क था कि West Bengal (W से शुरु होने के कारण) वर्णमाला में सबसे नीचे आता है, जिससे राष्ट्रीय बैठकों में उनकी बारी सबसे आखिर में आती है। उन्होंने अपनी संस्कृति और पहचान को दर्शान के लिए 'बांग्ला' करने का प्रस्ताव विधानसभा से पास कराया था।
नाम बदलने को केंद्र की मंजूरी जरूरी
बात करें संविधानिक प्रक्रिया के तहत राज्य का नाम बदलने के लिए संसद की अनुमति और गृह मंत्रालय की मंजूरी जरुरी होती है। वहीं, राज्य विधानसभा से प्रस्ताव पास होने के बावजूद केंद्र सरकार से हरी झंडी न मिलने के कारण यह नाम परिवर्तन अब तक लागू नहीं हो सका है। पांच राज्यों के चुनाव से पहले पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने केरल का नाम केरलम् करने को मंजूरी दी थी।



