होम
न्यूज़
चुनाव कार्यक्रम
पार्टी को जानें
जनता की राय
राज्य
चुनावी हलचल
CLOSE

UP Politics में हलचल! Mayawati का कड़ा संदेश, अनुशासनहीनता पर 2 बड़े नेता Party से बाहर

By LSChunav | Apr 25, 2026

इस समय उत्तर प्रदेश की सियासत गर्मी में ज्यादा गर्म होती नजर आ रही है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की खबर आई। 'आप'के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे और वर्तमान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान कर दिया कि अब वह भाजपा की सदस्यता लेंगे। 

इस बीच, बहुजन समाज पार्टी से भी इस तरह की खबर सामने आ रही है, जहां मायावती ने 24 घंटे के अंदर दो बड़े नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

BSP मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने दो दिग्गज नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया है, जिनका नाम जयप्रकाश सिंह और धर्मवीर अशोक। 

आखिर क्यों निकाला इन दो नेताओं

ऐसे में कई सावल उठ रहे है कि जिस नेता को हाल ही में पार्टी ने शामिल किया गया था, वही अब जल्दी बाहर का रास्ता क्यों दिखा दिया गया था। जय प्रकाश के साथ-साथ धर्मवीर अशोक को क्यों निकाल गया? एक दिन के अंदर ही दो नेताओं पर हुई इस तरह की कार्रवाई के यूपी की राजनीति में मायने काफी बदल चुके हैं। जयप्रकाश सिंह और धर्मवीर अशोक पर हुई इस कार्रवाई के तार पंजाब तक जुड़े हुए है।

निष्कासन का पंजाब कनेक्शन

बसपा की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार सैयद कासिम बताते हैं कि हाल ही में जय प्रकाश सिंह पंजाब गए थे। वहां उन्होंने एक ऐसे नेता से मुलाकात की, जिसने पंजाब विधानसभा चुनाव के समय बीएसपी के एकमात्र जीतकर आए विधायक नछत्तर सिंह का विरोध किया था। 

नेता ने नछत्तर सिंह पर एफआईआर भी दर्ज कराई थी। ऐसे में विधायक नछत्तर सिंह ने इस बात की शिकायत पार्टी आलकमान से की और बात सीधे मायावती तक पहुंची।

हाल ही में जयप्रकाश सिंह को बीएसपी में शामिल करने के बाद उन्हें केरल विधानसभा चुनाव की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके साथ ही उन्हें पश्चिम बंगाल चुनाव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया, जो पहले धर्मवीर अशोक के पास था। इसी बीच 14 अप्रैल को आयोजित अंबेडकर जयंती कार्यक्रमों के दौरान जयप्रकाश सिंह गाजियाबाद में नजर आए, जबकि धर्मवीर अशोक बुलंदशहर के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। खास बात यह रही कि इन दोनों आयोजनों में मंच साझा करने के लिए अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद थे।

जिलाध्यक्षों की तरफ से जारी हुए निष्कासन पत्र

जयप्रकाश सिंह और धर्मवीर अशोक पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए दोनों नेताओं को निकालने का आदेश जारी किया। एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि जयप्रकाश सिंह के निष्कासन का पत्र गाजियाबाद से बीएसपी के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार जाटव द्वारा जारी किया गया, जबकि धर्मवीर अशोक के खिलाफ कार्रवाई का पत्र बुलंदशहर के जिलाध्यक्ष की ओर से जारी किया गया है।

सैयद कासिम के अनुसार, मायावती का यह फैसला पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए साफ संकेत है कि अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। उनका मानना है कि दो राज्यों की चुनावी जिम्मेदारी मिलने के बावजूद किसी विरोधी नेता से मुलाकात करना और दूसरे राज्य के कार्यक्रमों में भाग लेना, कहीं न कहीं पार्टी की नीतियों के विपरीत है। ऐसे में आने वाले पंचायत चुनाव और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मायावती का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Copyright ©
Dwarikesh Informatics Limited. All Rights Reserved.