कल यानी 23 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में पहला फेज का चुनाव होने जा रहा है। इस बीच, निर्वाचन चुनाव अयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि ईवीएम के बटन पर इत्र, गोंद या किसी भी तरह का पदार्थ लगाना छेड़छाड़ माना जाएगा और यह चुनावी अपराध है। हालिए दिनों में यह दावा सामने आया था कि कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता यह पता लगाने के लिए ऐसा करते हैं कि वोट उनके पक्ष में पड़ा है या नहीं।
मंगलवार को आधिकारियों ने कहा कि यदि किसी मतदान केंद्र पर ऐसी कोई हरकत पाई गई, तो वहां के पीठासीन अधिकारी को तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को इसकी जानकारी देनी होगी।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले यह निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं पर आयोग कड़ी नजर रखे हुए है और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में सख्त कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर संबंधित मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला भी लिया जा सकता है।
बटन पर कुछ भी लगाना सख्त मना
चुनाव अयोग ने सभी मतदान केंद्रों के पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि ईवीएम के सभी उम्मीदवारों के बटन साफ और स्पष्ट दिखाई दें। किसी भी बटन पर टेप, गोंद या अन्य कोई चीज नहीं लगी होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ स्पष्ट किया है कि बैलेट यूनिट के बटन पर किसी भी तरह का रंग, स्याही, इत्र या रसायन नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि इससे वोट की गोपनीयत प्रभावित हो सकती है। यदि इस तरह की कोई गड़बड़ी मिली, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दें।
होगी कार्रवाई
चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रकार की सभी घटनाएं ईवीएम के साथ छेड़छाड़ या अनुचित हस्तक्षेप मानी जाएंगी, जिसे गंभीर चुनावी अपराध की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे मामलों में आयोग दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
बंगाल में थम चुका है पहले चरण का चुनाव प्रचार
बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार मंगलवार शाम थम गया। पहले चरण के चलते आगामी 23 अप्रैल को राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। पहले चरण में कुल ,478 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसके अलावा, मतदाताओं की कुल संख्या 3,60,77,171 है, जिनमें 1,84,99,496 पुरूष मतदाता, 1,75,77,210 महिला मतदाता व 465 ट्रांसजेंडर शामिल हैं।