Annamalai ने BJP को दिया बड़ा झटका, 'We The Leaders' पार्टी से Tamil Nadu की सियासत में आएगा भूचाल?

दिव्यांशी भदौरिया     Jun 09, 2026
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Annamalai ने BJP को दिया बड़ा झटका, We The Leaders पार्टी से Tamil Nadu की सियासत में आएगा भूचाल?

तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने पार्टी छोड़कर 'वी द लीडर्स' नाम से नया राजनीतिक दल बनाया है, जो राज्य में बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है। अन्नामलाई की युवाओं में लोकप्रियता और अकेले चुनाव लड़ने की वकालत को देखते हुए, उनके इस कदम का सीधा असर बीजेपी के वोट बैंक और विस्तार की योजनाओं पर पड़ सकता है।

तमिलनाडु के सियासी गलियारे में बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने बीजेपी छोड़कर  अपनी पार्टी का गठन किया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके अन्नामलाई तमिलनाडु में पार्टी का चेहरा बन गए थे। लेकिन अब विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा ने वहां अपना प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया था। अन्नामलाई ने दावा किया है कि उनके नए राजनीतिक आंदोलन वी द लीडर्स से लॉन्च होने के सिर्फ 3 दिनों के भीतर करीब 17 लाख लोग जुड़ चुके हैं। 


अकेले दम पर लड़ेंगे

गौरतलब है कि ऐसे राज्य में जहां भाजपा दशकों से हाशिए पर नजर आ रही थी, अन्नामलाई ने उसे चर्चा में ला दिया था। युवाओं में इनकी खास पहचान है। अन्नामलाई लगाताक यह संदेश देते रहे थे कि तमिलनाडु में बीजेपी को अपने दम पर खड़ा होना चाहिए। पार्टी को छोड़ते समय उन्होंने कहा था कि बीजेपी को अपनी तमिल पहचान बनाने के लिए अकेले चुनाव लड़ना चाहिए। लेकिन भाजपा ने इस बार का चुनाव भी AIADMK के साथ लड़ा।


कमल हासन और विजय के बाद अन्नामलाई!

तमिलनाडु की राजनीति की बात करें तो काफी समय से दो ध्रुवों, DMK और AIADMK के बीच घूमती रही। वहीं, जयललिता और करुणानिधि के निधन के बाद नेतृत्व का खालीपन पैदा हुआ। इसके बाद राजनीति में अभिनेता कमल हासन की एंट्री हुई, लेकिन उनकी पार्टी ने कोई खासा प्रभाव नहीं कर पाई। इसके बाद विजय ने राजनीति में एंट्री मारी और वह इस समय तमिलनाडु राजनीति का सबसे चर्चित चेहरा बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में TVK के प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में नए राजनीतिक ऑप्शन की मांग वाकई में थी। 


युवाओं से अपील की

युवा वर्ग में अन्नामलाई की अपील है और वह खुद को भ्रष्टाचार, वंशवाद और पुरानी राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ खड़े नेता के रुप में स्थापित हुए है। अन्नामलाई के जाने से भाजपा पर कुछ असर होगा ही, चाहे पार्टी कुछ भी कहे कि कोई भी व्यक्ति संगठन से बड़ा नहीं है।