Nagaur के मुंडवा में BJP के 10 पार्षद होने पर भी आधिकारिक प्रत्याशी को मिले 0 वोट

दिव्यांशी भदौरिया     Sep 22, 2026
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Nagaur के मुंडवा में BJP के 10 पार्षद होने पर भी आधिकारिक प्रत्याशी को मिले 0 वोट

नागौर की मुंडवा नगर पालिका में 10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा की आधिकारिक अध्यक्ष प्रत्याशी को अंदरूनी बगावत के चलते शून्य वोट मिले। वहीं कांग्रेस और आरएलपी गठबंधन की प्रत्याशी अलका कंदोई ने भाजपा के बागी उम्मीदवार को महज एक वोट से हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर ली।

हाल ही में राजस्थान निकाय चुनाव 2026 अजीबोगरीब खेला हुआ है। असल में आप ने राजनीतिक शह-मात और क्रास वोटिंग की तो कई कहानियां जरुर सुनी होंगी, लेकिन अब नागौर जिले की मुंडवा नगर पालिका में जो हुआ, उसे सूबे की पूरी सियासत को हक्का-बक्का कर दिया है।

दरअसल, 25 सीटों वाले इस निकाय में सबसे ज्यादा 10 पार्षद जिताने वाली भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक अध्यक्ष प्रत्याशी एक-एक वोट को तरस गया और खाते में सिर्फ 0 वोट आए।

दूसरी ओर, कांग्रेस-RLP के गठबंधन ने पर्दे के पीछे ऐसी गोटियां बिछाईं कि सिर्फ 1 वोट के अंतर से बाजी मारकर अपनी अध्यक्ष बैठा दिया है।

भाजपा के पास 10 पार्षद, लेकिन फिर भी 0 वोट क्यों?

मुंडवा के चुनावी समर में 25 वार्डों के जनादेश ने बीजेपी को 10 सीटें देकर सबसे बड़े दल के रुप में उभारा था। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर गीता देवी को अपना अध्यक्ष प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा। लेकिन जब मतों की गिनती हुई, तो भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी गीता देवी को 'शून्य' वोट मिले। वैसे पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीते दसों के दसों पार्षदों में से किसी एक ने भी अपनी ही प्रत्याशी को वोट देने की जहमत नहीं उठाई।

ज्योति मिर्धा के सलाहकार ने निर्दलीय उतरकर बिगाड़ा खेल

बीजेपी की इस करारी हार के पीछे अंदरुनी बगवात का बड़ा हाथ रहा है। बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा के निजी सलाहकर और भाजपा के चुनाव चिन्ह पर पार्षद बने घनश्याम सादावत अध्यक्ष पद का क्रिकेट पद का टिकट चाहते थे। पार्टी टिकट कटने के बाद विक्की ने निर्दलीय पर्चा भर दिया। भाजपा के दसों पार्षदों का समर्थन हासिल कर विक्की ने दलीय व्हिप को किनारे फेंक दिया।

वहीं, सियासी मौका ताड़ते ही कांग्रेस (3 सीट) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी- RLP (7 सीट) ने हाथ मिला लिया। दोनों का संयुक्त आंकड़ा 10 होता था। उन्होंने संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर अलका देवी कंदोई पर दांव खेला। चुनाव में अलका कंदोई को 13 वोट मिले और उन्होंने भाजपा के बागी घनश्याम सादावत विक्की (12 वोट) को सिर्फ 1 वोट को हरा दिया है।