Prashant Kishor का सरकार पर हमला, Social Media पर Video न आता तो Jamui कांड का कैसे पता चलता

बिहार के जमुई मामले का वीडियो शेयर करने वालों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वीडियो वायरल होने से ही इस अपराध का खुलासा हुआ। वहीं, पुलिस ने नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने के आरोप में करीब 120 प्रोफाइलों पर केस दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
बिहार में जुमई घटना की वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों के खिलाफ बिहार पुलिस के द्वारा की जा रही कानूनी कार्रवाई पर प्रशांत किशोर ने कहा कि वीडियो वायरल नहीं होता किसको पता चलता? सोशल मीडिया यूजर वीडियो को अधिक से अधिक शेयर किया है।
तभी सरकार हरकत में आई। जमुई के इस मामले को लेकर बिहार सरकार की फजीहत हुई है। ऐसे में अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पुलिस-प्रशासन सख्ती दिखा रहा है। इस मामले में 3 की अरेस्टिंग भी हुई है।
प्रशांत किशोर ने सरकार को लपेटा
इस बीच, प्रशांत किशोर ने कहा, 'यदि ये कुकृत्य करने वालों ने खुद से वीडियो बनाकर जारी नहीं किया होता, तो आपको हमको पता भी नहीं चलता और पुलिस प्रशासन कोशिश क्या कर रहा है? एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का मैंने बयान देखा कि जो लोग भी वीडियो चला रहे हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। अरे भाईयो वीडियो नहीं चलता तो समाज को पता कैसे चलता कि आप लोग शराब माफिया बालू माफिया को संरक्षण देकर समाज किस तरह का कुकृत्य करा रहे हैं? तो वीडियो चलाने वाले पर कार्रवाई होगी लेकिन इस तरह का क्राइम करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी तो मोदी जी का नारा है बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं । हम कह रहे हैं कि मोदी दी का नया नारा है खुद से बेटी पढ़ाओ खुद से बेटी बचाओ सरकार कुछ नहीं करने वाली है।'
जमुई मामले में सोशल मीडिया यूजर पर शिकंजा
असल में जब वायरल वीडियो के जरिए नाबलिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वालों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। जमुई साइबर थाना में कांड संख्या 45/2026 दर्ज कर करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से तीन सोशल मीडिया यूजर्स को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।



