बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अभी भी सरकारी बंगले में रह रही हैं। सम्राट सरकार ने रबड़ी देवी को 29 जून तक 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले की खाली करने आदेश आखिरी बार भेजा था। इससे पहले भी भवन निर्माण विभाग ने 22 जून को नोटिस भेजा था।
हालांकि, अभी तक दोपहर 12 तक लालू परिवार की तरफ से बंगला खाली नहीं किया गया। वहीं, सुबह तेजस्वी यादव यहां से निकालकर पोलो रोड वाले सरकारी आवास पर निकल गए। अभी भी पिकअप वैन में सामना भरकर ले जाने का सिलसिला चल रहा है।
दूसरी तरफ लालू प्रसाद, रबड़ी देवी एक साथ कौटिल्य नगर स्थित अपने मकान का निरीक्षण करने गए हैं। अब उम्मीद है कि आज लालू यादव का परिवार बंगला खाली कर दें।
इससे पहले रबड़ी देवी ने भवन निर्माण में मौजूद सरकारी सामानों की सूची मांगी थी। इसके लिए विभाग को पत्र भेजा गया था। विभाग की तरफ से सामानों का आकलन किया जा रहा है। सूत्रों से पता चला है कि 20 साल पहले विभाग ने क्या-क्या सामान आवास पर उपलब्ध करवाए थे? इसकी सूची तैयार करने में काफी परेशानी हो रही है।
लालू परिवार ने बना लिया बंगला खाली करने का मन
काफी समय के बाद 10 सर्कुलर रोड में रह रहे लालू परिवार ने सरकार की तरफ से भेजी गई चार नोटिस के बाद बंगला खाली करने का मन बना ही लिया है। बंगले के बाहर लगे सीसीटीवी हटा दी गई है। पिछले दो दिनों से सामान भी पिकअप वैन में भरकर तेजस्वी यादव के आवास और कोटिल्य नगर स्थित आवास पर भेजे जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कोटिल्य नगर वाले मकान का काम अंतिम चरण में है। जब यह पूरा हो जाएगा तो लालू परिवार के यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। लेकिन सरकार की तरफ से 39 हार्डिंग रोड में रबड़ी देवी को आवास आवंटित किया गया है। हालांकि, अब तक ऐसे संकेत नहीं मिले हैं कि कालू परिवार वहां जाए।
भवन निर्माण विभाग ने क्या कहा?
भवन निर्माण विभाग के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद पर होने के कारण राबड़ी देवी को नया सरकारी आवास 39, हार्डिंग रोड आवंटित कर दिया गया था। वहीं, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला नंबर-10 मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि नया आवास मिलने के बावजूद पुराना बंगला अब तक खाली नहीं किया गया है। इसी वजह से भवन निर्माण विभाग की ओर से राबड़ी देवी को चार बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक आवास खाली नहीं किया गया है।
सम्राट चौधरी क्या बोले?
हाल ही में सीएम सम्राट चौधरी ने इस मामले पर लालू परिवार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी संपत्ति किसी की निजी विरासत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग सोचते हैं कि सरकारी बंगला उनकी बपौती है। मां के लिए एक घर और बेटे के लिए दूसरा घर चाहिए। बिहार में राजशाही नहीं, लोकतंत्र चलता है। "सीएम ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मां को एक घर चाहिए और बेटे को दूसरा।
आगे सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले कई सालों से वह सरकारी बंगले में नहीं रहे हैं और निजी आवास में ही निवास करते हैं। उन्होंने आगे भी कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह तभी 1, अर्ण मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में काम करने के लिए तैयार हुए, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके लिए आग्रह किया।